गांव की सरपंची डेढ़ साल तक बीडीपीओ के पास रही। डिस्टि्रक चुनाव ट्रिब्यूनल ने हाईकोर्ट का फैसला आने तक 2024 में कुलदीप को सरपंच बनाने का फैसला दिया। यहां केस लगातार चल रहा था। कुलदीप की सुप्रीम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी और समय तय कर दिया। जिला कोर्ट में मतों की गणना का आदेश दिया। कुलदीप की अपील पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी। वह इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चले गए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने सामने छह अगस्त को ईवीएम की गणना की। जिसमें गणना सही मिली। जबकि परिणाम बदले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को उनको सरपंच घोषित किया।
बुआना लाखू ग्राम पंचायत के सरपंच का मामला कोर्ट में चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मोहित मलिक को वीरवार को सरपंच पद की शपथ दिला दी है।
-राजेश शर्मा, डीडीपीओ, पानीपत।
ये भी पढ़ें: हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर अमेरिका में गिरफ्तार: लॉरेंस बिश्नोई का करीबी, एफबीआई ने शेयर की जानकारी