फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहतकः समझौता नहीं पर खाली हो रहा है आश्रम

Tue, 14 May 2013 04:23 PM IST
इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक में संत रामपाल के अनुयायियों ने आश्रम खाली करना शुरू कर दिया है। हालांकि आश्रम और प्रशासन के बीच अब तक किसी समझौते की खबर नहीं है।
विज्ञापन


टीवी चैनलों के मुताबिक, रामपाल के अनुयायियों को बस में भरकर आश्रम से बाहर निकाला जा रहा है।

गौरतलब है कि, रविवार को पुलिस और आर्यसमाजियों के बीच हुई झड़प के बाद रोहतक जिला प्रशासन ने करौंथा स्थित सतलोक आश्रम को खाली करने का आदेश दिया था।

आश्रम को खाली करने के मियाद आज खत्म हो रही है। रोहतक जिला कलेक्टर विकास गुप्ता ने इलाके में व्याप्त तनाव को खत्म करने के लिए आज दोपहर तक आश्रम खाली करने का आदेश दिया था।

संत रामपाल पर हत्या का मुकदमा
पुलिस ने रविवार को हिंसा के मामले मे संत रामपाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। इलाके में सोमवार को भी आश्रम के विरोध में प्रदर्शन होते रहे।
विज्ञापन


भारी पुलिस बंदोबस्त के बावजूद लोग सड़कों पर उतरे और मुख्य मार्गों पर जाम लगाया। ग्रामीणों ने गोली लगने से मारी गई करौंथा निवासी प्रमिला के शव को सड़क पर रखकर रोहतक-झज्जर मार्ग को जाम कर दिया।

आसपास के दर्जनों गांवों के लोग भी करौंथा पहुंच गए और उन्होंने सतलोक आश्रम को खाली कराए जाने तक मृतका का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया।

महिला एसआई की दोपहिया जलाई
सोमवार को लोगों के गुस्से का शिकार एक महिला पुलिस उपनिरीक्षक हुईं। ग्रामीणों ने पुलिस उपनिरीक्षक मीना अहलावत के दुर्व्यवहार करते हुए उसके दोपहिया वाहन को आग लगा दी।

महिला उपनिरीक्षक ने भाग कर जान बचाई। सीआरपीएफ ने भी आश्रम की सुरक्षा के लिए उसे अपने घेरे में लिया हुआ।

इसके बाद कुछ ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और उनकी पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पुलिस से तनातनी भी हुई। अस्पताल में सबसे पहले शाहपुर निवासी संदीप के शव का पोस्टमार्टम हुआ।

इसके बाद करौंथा निवासी प्रमिला के शव का पोस्टमार्टम किया गया। हालांकि उदयवीर का पोस्टमार्टम कल नहीं हो सका। पोस्टमार्टम के लिए उसका शव रोहतक पीजीआई ले जाया गया।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने शव के दाह संस्कार से किया इंकार
ग्रामीणों व आर्य समाजियों ने सोमवार ने कहा कि जब तक आश्रम पूरी तरह से खाली नहीं कराया जाता और आचार्य बलदेव रिहा नहीं किया जाता, वे प्रमिला के शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे।

हालांकि दोपहर बाद आचार्य बलदेव को रिहा कर दिया गया। आचार्य बलदेव रिहा होने के बाद करौंथा पहुंचे और जाम लगा रहे ग्रामीणों से बातचीत की।

आचार्य बलदेव ने उन्हें मृतका के दाह संस्कार के लिए मानने का प्रयास किया, लेकिन लोग आश्रम खाली कराए जाने तक शव का दाह संस्कार करने को तैयार नहीं हुए।

आईबी ने भेजी गृह मंत्रालय को हालात पर रिपोर्ट
करौंथा में हुई हिंसा को लेकर आईबी ने गृह मंत्रालय को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी है। मंत्रालय ने आईबी को पूरे मामले पर नजर रखने को भी कहा है।

रविवार रात से ही आईबी के अधिकारी गांव के आसपास डेरा डाले हुए हैं और पल-पल जानकारी अधिकारियों को दी जा रही है।

इस बीच गृह मंत्रालय ने हिंसा के बाद के हालत के बारे में प्रदेश के मुख्य सचिव से भी संपर्क कर जानकारी हासिल की है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें