मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक एक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है, जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे। नीव पोर्टल के माध्यम से 2047 तक सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में शत-प्रतिशत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। इससे संस्थागत गुणवत्ता संकेतकों में सुधार होगा। रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। साथ ही, साक्ष्य-आधारित बजट एवं नीति निर्माण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
एमओयू के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ज्ञान सेतु' पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि शोध केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर समाज और शासन की समस्याओं का समाधान बन सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सहयोगों के माध्यम से राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं और कार्यक्रमों का इम्पैक्ट इवेल्यूएशन के साथ-साथ क्षमता-निर्माण कार्यक्रम तथा छात्रों के लिए इंटर्नशिप व फील्ड एंगेजमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नीति निर्माण अधिक सशक्त होगा और युवा प्रतिभाओं को वास्तविक प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त होगा।