गांव अहमदपुर में रविवार शाम से लापता मासूम बालक का शव पड़ोस के मकान की छत पर प्लास्टिक बैग में बंद मिला। साढ़े तीन साल का अनु पुत्र परमजीत सिंह रविवार शाम घर के बाहर खेलते हुए गायब हो गया था। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस इस पूरे मामले को नरबलि का मामला मान रही है।
डबवाली रोड पर गांव अहमदपुर निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि रविवार शाम को वह और उसकी पत्नी खेत में चारा लेने गए थे। घर पर उनकी सात साल की बेटी आरजू और साढे़ तीन साल का बेटा अरुण कुमार उर्फ अनु थे। वे जब घर लौटे तो दोनों बच्चे घर में नहीं थे।
आरजू गली में बच्चों के साथ खेल रही थी, लेकिन अनु का कोई अता-पता नहीं था। पूरे मोहल्ले में तलाश की गई, लेकिन अनु के बारे में कुछ पता नहीं चला। रविवार पूरी रात परिजन और ग्र्रामीण बच्चे की तलाश करते रहे। सोमवार सुबह करीब दस बजे एक महिला ने पड़ोसी की छत पर प्लास्टिक के थैले से खून रिसता देखकर शोर मचाया।
लोग मौके पर पहुंचे और थैले को खोलकर देखा तो थैले में अनु का शव था। अनु के माथे और आंख के पास धारदार हथियार के निशान थे।
सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। एसएसपी सौरभ सिंह, एएसपी राजेंद्र कुमार मीणा, सीआईए प्रभारी निरीक्षक किशोरी लाल, सदर थाना सिरसा प्रभारी जगदीश जोशी, बड़ागुढ़ा थाना प्रभारी अरुण बिश्नोई, फोरेंसिक टीम और डॉग स्कवायड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके की जांच कर सबूत जुटाए।
मामला नरबलि का भी हो सकता है : एसएचओ
थाना सदर सिरसा प्रभारी जगदीश जोशी का कहना है कि मृतक के पिता परमजीत की शिकायत पर रविवार को अज्ञात के खिलाफ धारा 365 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोमवार को बच्चे का शव मिलने के बाद पहले से दर्ज मामले में धारा 302 को शामिल कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला नरबलि का प्रतीत होता है क्योंकि दशहरे जैसे पर्व पर तांत्रिक ऐसा करते हैं। इसे भी एक आधार मानकर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले को सुलझाने के लिए हर पहलू से जांच कर रहे हैं। जल्द आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
- सौरभ सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सिरसा