चरखी दादरी। जिले में धुंध पड़नी शुरू हो चुकी है। प्रशासन अब तक सचेत नहीं है। शहर में कई जगहों पर ठोकरनुमा ब्रेकर बने हैं। इन पर पट्टियां भी नहीं लगी हैं। सड़कों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाए जाने की दरकार है।
शहर में केवल लोहरू रोड और रोहतक रोड पर ही कुछ ही स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग हैं। वे भी समय के साथ मिट चुके हैं। अब केवल नाममात्र जेब्रा क्रॉसिंग बचे हैं। ये भी स्पष्ट नहीं हैं। राहगीरों को सड़क पार करने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग बनाए जाते हैं। लेकिन, शहर में चौक-चौराहों, कट सभी जगह फीके पड़े हैं। राहगीर बिना जेब्रा क्रॉसिंग के ही सड़क पार कर रहे हैं।
वहीं, वाहन चालक भी कटों पर अपनी रफ्तार धीमी नहीं करते और जेब्रा क्रॉसिंग न होने के कारण गतिमान रहते हैं। राहगीरों को जेब्रा क्रॉसिंग के अभाव में वाहनों के रुकने का इंतजार करना पड़ता है। कोहरा होने से वाहन चालक कटों को देख नहीं पाते और सीधे ही वाहन ले जाते हैं।
शहर का कॉलेज रोड भी इस सुविधा से अछूता है। यहां पर सबसे अधिक शिक्षण संस्थान हैं। लेकिन, रोड पर एक भी संस्थान के आगे जेब्रा क्राॅसिंग नहीं है। इस सड़क से प्रतिदिन संस्थानों में जाने वाले दो हजार से अधिक छात्र-छात्राएं गुजरते हैं। अब धुंध में सड़क पार करते समय युवाओं को काफी परेशानी होती है। वाहन चालक भी जेब्रा क्रॉसिंग के बिना गाड़ी धीमी नहीं करते। कई बार ब्रेकर भी धुंध के कारण नहीं देते। इससे गाड़ियां उछल जाती हैं।
इसके अलावा, कई स्थानों पर ब्रेकर भी एकदम खड़े बनाए हुए हैं। इन पर वाहनों का आवागमन होता है। कई बार दुपहिया वाहनों का संतुलन भी बिगड़ जाता है। ब्रेकरों पर लगने वाली सांकेतिक पट्टियां भी नहीं हैं। इसके कारण धुंध में ब्रेकर नहीं दिखते।
विभाग को धुंध के प्रकोप को ध्यान में रखकर वाहन चालकों की सुविधा व सुरक्षा के लिए सफेद पट्टियां लगानी चाहिए। खड़े ब्रेकरों को भी ढाल में बनाया जाए। इससे राहगीर व वाहन चालक दोनों सुरक्षित रह सकते हैं। इससे कोहरे में होने वाले हादसे भी टल सकते हैं।
जेब्रा क्रॉसिंग की पट्टी लगाने के लिए तैयारी की जा रही है। जिन रूटों पर जेब्रा क्रॉसिंग नहीं हैं और मिट चुकी हैं, वहां पर पट्टियां जल्द लगवा दी जाएंगी। कुछ ब्रेकर वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए खड़े बनाए गए हैं। ब्रेकरों पर सांकेतिक पट्टियां लगवाई जाएंगी। -कृष्ण कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी, चरखी दादरी।