फोटो 25मादक पदार्थों की बिक्री न रुकने पर वाल्मीकि बस्ती में रोष प्रदर्शन करते लोग। संवाद
चरखी दादरी। पुलिस दादरी जिले को नशा मुक्त घोषित कर चुकी है जबकि वाल्मीकि बस्ती में धड़ल्ले से मादक पदार्थ बिक रहे हैं। इसकी बानगी रविवार को देखने को मिली। यहां मादक पदार्थ खरीदने पहुंचे बोलेरो कैंपर सवार युवकों को बस्ती के लोगों ने पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
खूनी रंजिश में घायल हुए बस्ती निवासी अनिकेत की शनिवार को उपचार के दौरान रोहतक पीजीआई में मौत हो गई। रविवार दोपहर बाद लोग बस्ती में एकत्र होकर रोहतक से अनिकेत का शव आने का इंतजार कर रहे थे। उसी दौरान एक बोलेरो कैंपर यहां पहुंची और उसमें से उतरे युवक बस्ती में गांजा की पुड़िया लेने एक प्रतिष्ठान पर पहुंच गए।
मादक पदार्थ खरीदने के बाद जब वो अपने वाहन की तरफ बढ़ने लगे तो अनिकेत के घर के समीप एकत्र लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि उक्त युवकों से गांजा की पुड़िया भी बरामद हुई और इसके बाद लोगों ने उन्हें पुलिस कर्मचारियों के हवाले कर दिया। पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले गए।
लोग बोले - पुलिस काे सब पता, कार्रवाई फिर भी नहीं
वाल्मीकि बस्ती के लोगों ने इस घटना के बाद रोष प्रदर्शन भी किया। उन्होंने कहा कि पुलिस को सब पता है कि बस्ती में कौन गांजा, सुल्फा व शराब बेच रहा है। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की जा रही। आरोप लगाया कि नशा बेचने वालों को चारपाई या कुर्सी पर बैठाकर पुलिसकर्मी बातचीत करते हैं।