धनासरी में बीके वसुधा को स्मृति चिह्न भेंट करते स्कूल प्रबंधन समिति सदस्य।
झोझूकलां। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय कादमा शाखा की ओर से मेरा गांव नशा मुक्त गांव अभियान चलाया गया। इस दौरान बीके वसुधा ने कहा कि मोबाइल फोन, इंटरनेट, टीवी, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया की लत के माध्यम से आज युवा पीढ़ी उचित दिशा से भ्रमित हो रही है। सोशल मीडिया आज नशा बन गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चांदवास, नांधा और धनासरी में अभियान चलाकर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।
बीके वसुधा ने कहा कि सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और ब्रह्माकुमारीज के मेडिकल प्रभाग की ओर से नशा मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों को कुंभकरण मॉडल के माध्यम से नशे के कुप्रभावों और इससे बचने का समाधान बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावकाें को अपने बच्चों की तरफ विशेष ध्यान देकर उन्हें अच्छे संस्कार देने चाहिए। आज के बच्चे कल की युवी पीढ़ी है और इनके कारण ही भारत सोने की चिड़िया बन सकता है।
बीके विशाल ने कहा कि आठ दिवसीय नशा मुक्ति अभियान जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नशा वास्तव में मन की कमजोरी का कारण होता है। यदि व्यक्ति अपनी कर्मेंद्रियों पर नियंत्रण रखे तो नशे की लत से छुटकारा संभव है। अभियान संयोजक ब्रह्माकुमारी ज्योति ने सभी विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और राजयोग करने का आह्वान किया।
इस दौरान विद्यालय प्रबंध समितियों ने बीके वसुधा को स्मृति चिह्न भेंट किया। इस दौरान राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चांदवास के प्राचार्य हरिकिशन राणा, नांधा स्कूल के प्राचार्य संजय, धनासरी स्कूल के प्राचार्य राममूर्ति, प्रवक्ता रमेश, पवन श्योराण, अंकित शर्मा, मुरारी लाल, प्रवेश सिंह, विनोद शर्मा, विजेंद्र लुहाच आदि मौजूद रहे।