संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के युवाओं इलेक्ट्रीशियन बनने में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं जबकि कारपेंटर ट्रेड से उनका मोह भंग हो गया है। इसकी बानगी हाल ही में चल रही आईटीआई दाखिला प्रक्रिया के दौरान देखने को मिल रही है। अब तक जिले की चार आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की 132 सीटों पर 1819 आवेदन आए हैं। वहीं, तीन संस्थान में तो निर्धारित सीटों से 10 गुना अधिक आवेदन पहुंचे हैं। एक संस्थान में सीटों से पांच गुना आवेदन पहुंचे हैं।
जिले में चार राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं और इनमें से एक केवल महिलाओं के लिए है। रावलधी आईटीआई जिले का सबसे बड़ा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान है। इसमें कुल 19 ट्रेड हैं और यहां कोपा की दो ट्रेड संचालित हैं। इनमें एक एससीवीटी यानी राज्य स्तरीय व दूसरी एनसीवीटी यानी राष्ट्रीय स्तरीय ट्रेड है। इनमें पास आउट प्रशिक्षु कोर्स के स्तर के हिसाब से नौकरी पा सकता है। संस्थान में इस ट्रेड की 48 सीटें हैं और इसके लिए 766 युवाओं ने रुचि दिखाई है।
कादमा आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की 40 सीटें हैं और इन पर 684 आवेदन आए हैं। इसी तरह कलाली-बलाली आईटीआई में 20 सीटें है और इनमें दाखिला लेने के लिए 265 युवाओं ने आवेदन किया है। सांतौर आईटीआई में इलेक्ट्रीशियन की 24 सीटें हैं और 104 आवेदन पहुंच चुके हैं।
हर बार इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में रहती है मारामारी
संस्थान प्रभारियों का कहना है हर बार इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में सीटें भरी रहती हैं और सबसे ज्यादा आवेदन भी इसी ट्रेड में होते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले करीब चार सालों से युवाओं का इस ट्रेड में रुझान है।
इन ट्रेड में आए कम आवेदन
दूसरी ओर रावलधी राजकीय आईटीआई में कारपेंटर की 40 सीटों पर केवल 12 आवेदन आए हैं। वहीं, कलाली बलाली में वेल्डर एससीवीटी ट्रेड में तीन आवेदन आए हैं। कादमा में सिलाई कटाई ट्रेड में 20 सीटों पर केवल सात ही आवेदन आए हैं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में सबसे अधिक आवेदन इलेक्ट्रीशियन ट्रेड में आए हैं। हर बार भी इस ट्रेड में दाखिला के लिए युवाओं के बीच मारामारी है। - सुरजीत बजाड़, प्रभारी कलाली-बलाली आईटीआई