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ईयरफोन लगाकर ट्रैक पर चल रहा युवक आया ट्रेन की चपेट में, मौत

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पोस्टमार्टम के लिए कागजी कार्रवाई करते जांच अधिकारी सुरेश कुमार। - फोटो : CharkhiDadri
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ईयरफोन लगाकर ट्रैक पर चल रहा एक बिहार निवासी युवक बुधवार सुबह ट्रेन की चपेट में आ गया। युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और रेलवे पुलिस ने सिविल अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया हादसे की कार्रवाई की है। जांच अधिकारी एसआई सुरेश कुमार ने बताया कि कानों में लीड लगी होने के चलते युवक को ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी। इसके चलते यह हादसा हो गया।
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जानकारी के अनुसार बिहार के पूर्णिया जिले के गांव लक्ष्मीनियाक निवासी परमानंद (24) पिछले कुछ सालों से दादरी शहर में रह रहा था। वे चारों भाई काम की तलाश में दादरी शहर आए थे। मृतक अपने दो भाइयों सहित रोहतक फाटक के समीप स्थित एक सर्विस स्टेशन पर काम करता था। बुधवार सुबह करीब पौने छह बजे वह घूमने के लिए वहां से निकला था। वह रोहतक फाटक से करीब 50 मीटर आगे और सर्विस स्टेशन से करीब 400 मीटर दूर ही पहुंचा था कि इसी दौरान वह अहमदाबाद-कटरा ट्रेन की चपेट में आ गया। करीब सवा छह बजे मामले की सूचना मिलने ही जीआरपी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। एसआई सुरेश कुमार ने बताया कि युवक ने कानों में मोबाइल की लीड लगा रखी थी, जिसके चलते उसे ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं दिया। वहीं, दुर्घटना के करीब एक घंटा बाद मृतक के दो भाई घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने परमानंद के शव को अपने कब्जे में लेने के बाद सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां मृतक के भाई के बयान दर्ज कर पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की। जांच अधिकारी एसआई सुरेश ने बताया कि इस संबंध में इत्तफाकिया हादसे की कार्रवाई की गई है। मृतक चार भाइयों में दूसरे नंबर का था और वह अविवाहित था। जांच अधिकारी ने बताया कि उसका एक भाई शादीशुदा है और दो अविवाहित हैं। वह मिलन सर्विस स्टेशन पर काम करता था, जिसे सुबोध नामक व्यक्ति ने ठेके पर लिया हुआ है।
सात साल से कर रहा था सर्विस स्टेशन पर काम
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के दो भाइयों ने बताया कि वे चारों भाई 2012 में काम की तलाश में दादरी आए थे। वे तीन भाई सर्विस स्टेशन पर काम करते थे, जबकि चौथा भाई दादरी शहर में श्रमिक का कार्य करता है। सर्विस स्टेशन पर काम करने वाले तीनों भाई एकसाथ रहते थे। जबकि उनका एक भाई शहर में किराए का कमरा लेकर रहता है। मृतक परमानंद सात साल से सर्विस स्टेशन पर काम कर रहा था।
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इयरफोन न लगाया होता तो नहीं जाती परमानंद की जान
सिविल अस्पताल पहुंच मृतक के भाई कृष्णा ने बताया कि सुबह करीब पांच बजकर 50 मिनट पर परमानंद सर्विस स्टेशन से घूमने की बात कहकर निकला था। इसके करीब एक घंटे बाद उन्हें पुलिस ने सूचित किया कि ट्रेन की चपेट में आने से परमानंद की मौत हो गई। मौके पर जब वे पहुंचे तो पता चला कि परमानंद ने कान में लीड लगाई हुई थी। कृष्णा ने कहा कि अगर उसका भाई कान में लीड नहीं लगाता तो उसे ट्रेन का पता चल जाता और उसे जान से हाथ नहीं धोना पड़ता।
जीआरपी एसआई सुरेश कुमार ने बताया कि परमानंद के ईयरफोन लगाने से यह हादसा हुआ। सुबह करीब छह बजे वह ट्रेन की चपेट में आया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के भाइयों को मामले की जानकारी दी। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद हमने परिजनों को शव सौंप दिया है। इस संबंध में इत्तफाकिया हादसे की कार्रवाई की गई है।
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