चरखी दादरी। हरियाणा बजट 2026-27 में महिला एवं बाल विकास से जुड़ी घोषणाओं ने प्रदेश की महिलाओं में नई उम्मीद जगाई है। ‘दीन दयाल लाजो लक्ष्मी योजना’ के तहत 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 2100 रुपये सहायता, आय सीमा में विस्तार, आंगनबाड़ी केंद्रों के अपग्रेडेशन, नशामुक्ति के लिए उत्कृष्टता केंद्र और वरिष्ठ नागरिक कल्याण क्लब बनाने जैसी घोषणाओं को महिलाओं ने अपने जीवन से जुड़ा फैसला बताया है।
सरकार के अनुसार लाखों लाभार्थी महिलाओं के खातों में किस्तें जारी की जा चुकी हैं और नए पात्र परिवारों को भी जोड़ा जा रहा है। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के प्रयासों से लिंगानुपात में सुधार का दावा भी दोहराया गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं का कहना है कि यदि योजनाएं जमीन पर पूरी पारदर्शिता से लागू होती हैं तो आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।
= 2100 रुपये की मासिक सहायता हमारे जैसे मध्यम आय वर्ग के परिवारों के लिए बड़ी राहत है। इससे घर के खर्च और बच्चों की पढ़ाई में सहारा मिलेगा। ये महिलाओं के लिए सराहनीय पहल है। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। - अनू रानी
= आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले-स्कूल में अपग्रेड करने की घोषणा पर खुशी है। अगर आंगनबाड़ी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी तो बच्चों की नींव मजबूत होगी और माताओं को भी भरोसा मिलेगा। - मंजू देवी
= आय सीमा बढ़ाकर ज्यादा महिलाओं को योजना से जोड़ना अच्छा कदम है। जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ समय पर पहुंचे, यही सबसे जरूरी है। बुजुर्ग महिलाओं के लिए अलग मंच बनने से सामाजिक जुड़ाव बढ़ेगा और अकेलापन कम होगा। - नीतू
= बजट में महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वस्थ नारी क्लिनिक खोलने की घोषणा सराहनीय कदम हैं। जरूरत है इससे अंतिम पंक्ति में खड़ी महिलाओं को फायदा हो। महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है उनका स्वास्थ्य ठीक हो। हालांकि रसोई की तरफ विशेष ध्यान ना देकर महिलाओं को ज्यादा खुश नहीं किया गया है। - प्रमिला देवी