फतेहगढ़ निवासी महिला के पति की चार साल पहले हो चुकी मौत, दो बेटियों और एक बेटे ने अब मां को भी खोया
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांव फतेहगढ़ के पास ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। महिला की पहचान फतेहगढ़ निवासी आशा (38) के रूप में हुई है। दादरी जीआरपी पुलिस ने महिला के देवर के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया।
जानकारी के अनुसार, आशा लकवा की शिकार थी। चिकित्सक ने उसे घूमने का परामर्श दिया था। इसलिए वह रोज सुबह घूमने के लिए रेलवे लाइन के पास जाती थी। रविवार सुबह भी घूमने के लिए गई थी। इसी दौरान करीब 5 से साढ़े 5 बजे के बीच वह किसी अज्ञात ट्रेन की चपेट में आ गई। ट्रेन की साइड लगने से उसकी मौत हो गई।
ट्रेन के नीचे आने से महिला की मौत होने की सूचना पाकर जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर शव कब्जे में लेकर दादरी सिविल अस्पताल पहुंचाया। परिजनों के पहुंचने पर पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी की और दोपहर बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
देवर मालेंद्र के बयान पर पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। आशा के तीन बच्चे हैं। इनमें दो बेटियां व एक 9 वर्षीय बेटा है। आशा के पति देवानंद चार साल पहले दुनिया छोड़ चुके हैं। अब बच्चों के सिर पर मां का साया भी नहीं रहा। उनकी देखभाल के लिए बुजुर्ग दादा-दादी हैं। चाचा अलग घर में रहता है।
वर्सन:
रविवार सुबह हादसे की घटना मिली थी। मृतका का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। महिला के देवर के बयान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की गई है।
-कृष्ण कुमार, दादरी जीआरपी प्रभारी