चरखी दादरी। भ्रूण लिंग जांच के अवैध कारोबार के खिलाफ दादरी स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीमें अब जिले तक सीमित न रहकर दूसरे राज्यों में भी सक्रिय हैं। ताजा मामले में स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान के भिवाड़ी से एक दलाल को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। यह एक महीने के अंदर विभाग की दूसरी कार्रवाई है।
आरोपी 70 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा कर रहा था। उसने एक डिकॉय महिला को निजी अस्पताल ले जाकर कथित फर्जी अल्ट्रासाउंड करवाया। वहां महिला को गर्भ में लड़का होने की गलत जानकारी दी गई।
कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से डिकॉय को दिए गए नोटों से मिलती रकम मिली। चरखी दादरी सिटी थाने में जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे अंतरराज्यीय नेटवर्क पर लगातार नजर रख रहा है।
आठ अगस्त को सोनीपत और चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भी कार्रवाई की थी। उस समय भ्रूण लिंग जांच के नाम पर रुपये वसूलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ था जिसमें 40 हजार रुपये ऑनलाइन जमा किए गए। शेष 60 हजार रुपये लेने पहुंचे युवक को टीम ने पकड़ा।
पूछताछ के बाद एक बीएएमएस चिकित्सक समेत दो महिलाओं और एक युवक को काबू किया गया। जांच में पता चला कि डिकॉय का सामान्य अल्ट्रासाउंड हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की शिकायत पुलिस को दी थी।
कार्रवाई की योजना और गिरफ्तारी
सिविल सर्जन नरेश कुमार को सूचना मिलने पर चार सदस्यीय टीम गठित की गई। इसमें पीसी-पीएनडीटी नोडल अधिकारी हितेश, संदीप कुमार, सपना और लिपिक राजू शामिल थे। टीम ने एक डिकॉय महिला के माध्यम से दलाल अनीश से संपर्क किया। भ्रूण लिंग जांच के लिए 70 हजार रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें 20 हजार रुपये अग्रिम दिए गए। टीम ने दिए जाने वाले नोटों के सीरियल नंबर पहले ही दर्ज किए। अनीश डिकॉय को राजस्थान के भिवाड़ी स्थित निजी अस्पताल ले गया। वहां कथित अल्ट्रासाउंड के बाद महिला को गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी गई। बकाया रकम मांगते ही पुलिस के सहयोग से आरोपी को काबू कर लिया गया।
अवैध नेटवर्क पर कड़ी निगरानी
स्वास्थ्य विभाग की लगातार कार्रवाइयां भ्रूण लिंग जांच के अवैध कारोबार पर रोक लगाने का संकेत हैं। टीमों की निगरानी का दायरा अब बढ़ाया जा रहा है। अधिकारी सूचना मिलने पर संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाती है। ताजा मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की संभावनाओं को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। विभाग ऐसे गिरोहों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भ्रूण लिंग जांच कराना और करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
-डाॅ. हितेश, नोडल अधिकारी, पीसी-पीएनडीटी