चरखी दादरी। जिले के सभी 58 जलघरों के भंडारण टैंक खाली हैं। इसके चलते शहर के अलावा जिले के 166 से अधिक गांवों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। वहीं, जन स्वास्थ्य विभाग को इन टैंकों को भरने के लिए नहरों में पानी आने का इंतजार है। इधर लोग अपनी पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 450 रुपये में पानी का टैंकर डलवाने को मजबूर हैं।
विभागीय अधिकारियों का दावा है कि नहरों में पानी पहुंचते ही प्राथमिकता से जलघरों को भर दिया जाएगा। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नौ मार्च तक जिले की नहरों में पानी आने की उम्मीद है। ऐसे में इस बार जिले के छह लाख लोगों की होली और फाग सूखे ही जाएंगे।
गर्मी के दस्तक देते ही दादरी जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है। 30 डिग्री से अधिक तापमान पहुंचने के कारण पानी की खपत बढ़ी है, जबकि शहर व गांवों के जलघर खाली हो चुके हैं। शहर में बोरिंग ट्यूबवेल के जरिये पेयजल आपूर्ति कर काम चलाया जा रहा है, लेकिन ज्यादातर गांवों में तो यह सुविधा भी नहीं है।
दूसरी ओर लोग पेयजल संकट को देखते हुए 450 रुपये में पानी के टैंकर खरीदने को विवश हैं। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों की भी है और इसके लिए जिले के करीब छह लाख लोग परेशान हैं। घरेलू कामों में पानी की पूर्ति के लिए भी लोगों को टैंकर डलवाना पड़ रहा है और ज्यादातर घरों में एक टैंकर एक सप्ताह तक चलता है।
बता दे कि शहर के जलघरों में छह स्टोरेज टैंक हैं। शहर के जलघरों में पेयजल स्टोरेज की क्षमता कम है। जिसके चलते दस दिन के अंदर ही सभी टैंक खाली हो जाते हैं। भंडारण क्षमता बढ़ाने का प्रोजेक्ट अभी कागजों में ही फंसा है। दूसरी ओर टैंक खाली होने से जन स्वास्थ्य विभाग शहर में ट्यूबवेल के पानी की आपूर्ति कर रहा है। इस पानी को लोग पीने में प्रयोग नहीं कर सकते।
- 900 क्यूसेक पानी मिलने की उम्मीद
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार आठ मार्च को खुबड़ू हेड पानीपत से सुबह पानी छोड़ा जाएगा। यह पानी करीब 32 घंटे के अंदर जिले की नहरों में पहुंच जाएगा। इस बार करीब 900 क्यूसेक पानी जिले को मिलने की उम्मीद है। अहम बात यह है कि इस बार नहरी पानी का 24 दिन के बजाय 27 दिन में नंबर आया है। टर्म अनुसार 5 मार्च को जिले की नहरों में पानी पहुंचना था, लेकिन अब 9 मार्च को आने की उम्मीद है।
- फसलों में सिंचाई के लिए भी चाहिए पानी
इस समय गेहूं में सिंचाई के लिए भी पानी की जरूरत है। ऐसे में नहरों में पानी आते ही चोरी की संभावना भी रहेगी। इस स्थिति में विभाग के लिए जलघरों के टैंकों को भरना चुनौतीपूर्ण रहेगा। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए टीमें अलर्ट रहेंगी और साइटों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा।
15 दिन नहरों में पानी चलने के बाद भी नहीं भर पाते टैंक
नहरों में 15 दिन के लिए पानी मिलता है लेकिन इस अवधि में मौजूदा स्टोरेज टैंक भी नहीं भर पाते। अधिकारी चाहे तो 15 दिन में शहर के सभी स्टोरेज टैंक पानी से लबालब हो सकते हैं, बशर्ते इसके लिए पानी चोरी रोकनी होगी। नहरों में 9 मार्च को पानी छोड़ा जाएगा और विभाग को प्राथमिकता से सभी जलघरों को भरना होगा। तब जाकर पेयजल संकट दूर होगा।
सभी जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। नहरी पानी की चोरी कतई नहीं होने दी जाएगी। हमने टीमें गठित कर दी हैं जो नहरों में पानी पहुंचते ही साइट का निरीक्षण शुरू कर देंगी।
-उपेंद्र, जेई, सिंचाई विभाग