चरखी दादरी। जिले की नहरों में पानी पहुंच गया है। विभाग अधिकारियों ने गर्मी सीजन को देखते हुए जलघर व तालाबों में पानी भरवाना शुरू कर दिया है। पानी की बर्बादी न हो इसके लिए अधिकारी नहरों का निरीक्षण कर रहे हैं जिले में 60 से ज्यादा जलघर व करीब 70 तालाबों में नहरी पानी डाला जाना है। इस समय अधिकतर जलघर खाली हैं। इस बार भी सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं है। जिले का करीब 60 प्रतिशत कृषि क्षेत्र नहरी पानी पर ही निर्भर करता है। इस बार पानी की चोरी भी नहीं होगी क्योंकि फसलें कट चुकी हैं और अधिकतर खेत खाली पड़े हैं।
नहरों की मॉनिटरिंग शुरू
नहरों में पानी पहुंचते ही सिंचाई विभाग अधिकारियों ने नहरों की साइटों पर मॉनिटरिंग का कार्य शुरू कर दिया है। बेलदार, जेई व एसडीओ नहरों की साइट पर पानी की निगरानी कर रहे हैं। कई बार पानी का तेज प्रवाह होने की वजह से नहर के टूटने का भी अंदेशा बन जाता है।
168 गांव के जलघरों में होती है आपूर्ति
जिले के 168 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फोगाट, चिडिय़ा, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास आदि जलघरों में नहरों से ही पानी भरा जाता है।
खपत को देखते हुए पर्याप्त पानी मांगा
इस बार नहरी पानी की खपत को देखते हुए विभाग ने पर्याप्त मात्रा में मंगवाया है। इस समय बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल में पानी छोड़ कर रखा है। जिला की मेन बधवाना, मैहड़ा, बौंद कलां डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल प्रमुख हैं। जिले में 70 से ज्यादा जोहड़ विभिन्न नहरों से जुड़े हुए हैं। जिले की नहरी पानी की बारी 24 दिन मेंं आती है। पिछली बारी में भी पर्याप्त मात्रा में पानी मिला था। गर्मी सीजन को देखते हुए सभी जोहड़ व जलघर पानी से लबालब करने की जरूरत है। आने वाले दिनों में पानी की खपत और बढ़ने वाली है।
गांव व शहर में पेयजल संकट के हालात बेहद खराब
इस समय गांवों में तीन से चार दिन में पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। जलघरों में पानी नहीं होने से दिक्कत बन रही है। गांवों के लोग भी 600 रुपये में पानी का टैंकर खरीदने को विवश हैं। ग्रामीण सतबीर सिंह, विजय कुमार, महेंद्र सिंह ने बताया कि तीन से चार दिन में 40 मिनट के लिए पानी मिलता है, जिससे पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है। पानी के टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। नहरों में 24 दिन में पानी छोड़ने की वजह से आसपास के बोरिंंग ट्यूबवेल व हैंडपंप आदि का पानी भी खारा होने लगता है। प्रशासन व विभाग को गांवों में प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति करनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि सही प्रबंधन नहीं होने की वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं डाला जाता है जिससे पानी का संकट बना रहता है।
पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया गया है। जलघरों को प्राथमिकता से भरा जाएगा। 16 दिन के लिए पानी मिला है तब तक सभी जलघर भर दिए जाएंगे। नहरी पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी।-सतेंद्र कुमार, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग।