संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की नहरों में पानी पहुंच गया है। इसके साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमें जलघरों व तालाबों को भरने की कवायद में जुट गई हैं। विभागीय अधिकारी पानी की लगातार निगरानी कर रहे हैं। इस समय किसानों को नहरी पानी की जरूरत नहीं है, जबकि जलघरों को प्राथमिकता से भरने की दरकार है।
जिले को इस नहरी टर्म में 850 क्यूसेक पानी मिला है। जिले में 60 से ज्यादा जलघर और 150 से ज्यादा तालाब हैं। जिले के 167 गांवों में जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है। सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं। इस बार फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की जरूरत नहीं है क्योंकि इस समय कटाई का समय चल रहा है।
वहीं, नहरी पानी के मद्देनजर सिंचाई विभाग पहले से अलर्ट है। विभाग की ओर से पंप व मोटरों आदि को पहले ही अपडेट कर दिया गया है। कई पंपों की उठान क्षमता कम होने की वजह से इनकी मरम्मत पहले ही करवा दी गई। अब हेड से साफ पानी छोड़ा गया है, इससे जलघरों में भी पानी की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इस समय बधवाना व लोहारू नहर में पानी चल रहा है। अब जिले की नहरें 16 दिन पानी से लबालब रहेंगी।
इन जलघरों को भरने की दरकार
शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंदकलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझूकलां, मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़,सांजरवास आदि जलघरों को नहरी पानी से भरने की फिलहाल जरूरत है।
ट्यूबवेल के पानी से मिलेगी राहत
दो से तीन दिन में जलघरों के टैंकों में पानी का भंडारण होने से आपूर्ति की जा सकेगी। वहीं, टैंकों को पानी से लबालब होने में 10 से 12 दिन का समय लगेगा। टैंकों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है और अब विभाग ट्यूबवेल के पानी के बजाय नहरी पानी की आपूर्ति शुरू कर देगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
जलघरों में पानी की कमी नहीं रहने दी जाएगी। पर्याप्त मात्रा में पानी मंगवाया गया है। जलघरों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। 16 दिन के लिए पानी मिला है, तब तक सभी जलघर फुल कर दिए जाएंगे। - हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग