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Charkhi Dadri News: आठ दिन में 37 जलघरों तक पहुंचा पानी, 21 के टैंक अभी भी हैं खाली

Sat, 18 Mar 2023 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। नहरों में पानी चलते आठ दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी 30 प्रतिशत जलघरों तक पानी नहीं पहुंचा है। 58 में से 37 जलघरों के टैंक आधे या इससे ऊपर भर चुके हैं जबकि बाकी 21 जलघरों के टैंक अभी भी खाली हैं। आलम ये है कि शहर के मुख्य चंपापुरी जलघर के टैंक भी अभी पानी से भर नहीं पाए हैं। नहरी पानी बंद होने से पहले अगर प्रबंधन की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो शहर की 30 फीसदी आबादी को पेयजल संकट कि सामना करना पड़ सकता है।
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बता दें कि नहरों में 9 मार्च से पानी चल रहा है लेकिन अब तक 70 प्रतिशत जलघरों तक ही पानी पहुंच पाया है। इसका कारण पानी की कमी नहीं, बल्कि सही प्रबंधन एवं प्लानिंग न होना है। यही वजह है कि जलघरों व तालाबों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं भर पा रहा है। लोगों का कहना है गर्मी सीजन में जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी भरना चाहिए। शहर में तो सर्दी के मौसम में भी पेयजल संकट बना रहता है और अगर ऐसा ही रहा तो अब गर्मी में हालात खराब होंगे।
नहरों में 23 मार्च तक पानी चलेगा, लेकिन विभागीय अधिकारियों के कुप्रबंधन के कारण शहर व गांवों के स्टोरेज टैंक नहीं भरे जा सके हैं। शहर में छह स्टोरेज टैंक हैं। वैसे ही शहर में पेयजल स्टोरेज की क्षमता कम है जो टैंक है वे भी समय पर नहीं भरे जा रहे हैं। ऐसे में शहरवासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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- यूं भरे जाते हैं शहर के जलघर
लोहारू फीडर से नगर के मेन चंपापुरी जलघर में पानी डाला जाता है। बधवाना नहर से शहर के दूसरे रामनगर जलघर में पानी डाला जाता है। चंपापुरी मेन जलघर में चार वाटर स्टोरेज टैंक बने हुए हैं जबकि दूसरे रामनगर जलघर में दो वाटर टैंक बने हुए हैं। जलघर के वाटर टैंकों में पंप एवं मोटर के जरिए पानी डाला जाता है।
- सिंचाई के लिए पानी की नहीं जरूरत
इस समय रबी की फसलों की कटाई के कारण खेतों में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत भी नहीं है। इस वजह से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जा सकता है। जनस्वास्थ्य विभाग ने नगर के जलघरों के परिसर में ही ट्यूबवेल बोरिंग किए हुए हैं। ट्यूबवेल का पानी गुणवत्तापरक नहीं है। इस समय लोग पानी के टैंकर खरीदने को विवश हैं।
- एक माह की भंडारण क्षमता होने पर नहीं गहराएगा पेयजल संकट
शहर में पानी की स्टोरेज क्षमता कम है इस वजह से समय-समय पर पानी का संकट बना रहता है। शहर के लिए कम से पानी की कम एक माह की स्टोरेज क्षमता होनी चाहिए तब जाकर पेयजल की किल्लत दूर हो सकती है। विभाग ने पेयजल स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए दो नए वाटर टैंक निर्माण के लिए एस्टीमेट फाइल हेड ऑफिस भेज रखी है लेकिन उसे भी मंजूरी नहीं मिली है।

नहरों में 15 दिन पानी चलेगा। सभी जलघरों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है। इस बार नहरी पानी की सिंचाई के लिए जरूरत नहीं है ऐसे में जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी डाला जाएगा। सभी जलघरों में पानी चल रहा है।
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-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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