चरखी दादरी। नगर के दिल्ली रोड एसटीपी से ड्रेन आठ तक 37.50 करोड़ के बजट से 38 किलोमीटर लंबी सीवर पाइप लाइन बिछाने के प्रोजेक्ट की प्रारंभिक ट्रायल सफल हो गई है। विभाग ने एक सप्ताह तक एसटीपी पंपिंग स्टेशन से प्रतिदिन चार से पांच घंटे पानी का उठान कर पाइपलाइन में डालकर देखा और पानी सही तरीके से अंतिम छोर तक पहुंच रहा है। ट्रायल सफल रहने से अब एसटीपी भंडारण टैंक के ओवरफ्लो होने की समस्या भी खत्म होगी और करीब एक लाख की आबादी को सीवर समस्याओं से राहत मिलेगी।
दरअसल, शहर में दो एसटीपी हैं जिनके जरिये दूषित पानी की निकासी की जाती है। रामनगर-कपूरी के समीप बने एसटीपी में शहर के कुछ हिस्से का दूषित पानी जाता है। इसी प्रकार दिल्ली रोड एसटीपी में ज्यादा क्षेत्र का पानी पहुंचता है। दोनों एसटीपी फिलहाल दो साल से सही ढंग से वर्किंग में नहीं होने से लोगों को ज्यादा परेशानी होती रही है।
इसे देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों एसटीपी को कनेक्ट कर दिया गया है। शहर के कपूरी-रामनगर एसटीपी को दिल्ली स्थित एसटीपी से कनेक्ट किया गया है। कपूरी-रामनगर से दिल्ली एसटीपी तक मेन लाइन बिछाई गई है। कपूरी एसटीपी के दूषित पानी को दिल्ली रोड एसटीपी तक पहुंचाया जा रहा है। दिल्ली रोड एसटीपी से यह दूषित पानी ड्रेन आठ छुछकवास में डाला जाएगा। ड्रेन आठ तक करीब 38 किलोमीटर लंबी सीवर पाइप लाइन बिछाने का कार्य विभाग ने फरवरी अंतिम सप्ताह में पूरा कर लिया है। इस मेन लाइन में बीच-बीच में गांवों में टी प्वाइंट भी बनाए हैं ताकि किसान सीवर के पानी से सिंचाई भी करते रहें।
- डेढ़ साल के इंतजार के बाद पूरा हुआ काम
बता दे कि डेढ़ साल के इंतजार के बाद यह काम पूरा हुआ है। इससे अब शहरवासियों को सीवर की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के तहत विभाग ने शहर के दोनों एसटीपी को आपस में पाइपलाइन से जोड़ दिया है। दोनों एसटीपी के पानी का पंपिंग स्टेशन के जरिये उठान होगा और बाद में ड्रेन आठ तक इसे पाइपलाइन के जरिये ही पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना पर पूरा होने के बाद अब विभाग को शहर में सीवर के आंतरिक ढांचे को सुदृढ़ करने की जरूरत है।
- चार नई मोटरों से हो रही पानी उठान
विभाग एक सप्ताह से इस प्रोजेक्ट की ट्रायल ले रहा है। प्रतिदिन दिल्ली एसटीपी से पंपिंग स्टेशन पर बड़ी क्षमता की नई लगी मोटरों से सीवर के पानी का उठान किया जा रहा है। ये मोटरें महाराष्ट्र से मंगवाई गई हैं। विभाग प्रतिदिन चार से पांच घंटे एसटीपी से ड्रेन के लिए पानी का उठान कर रहा है। एक सप्ताह में प्रारंभिक तौर पर इस प्रोजेक्ट की ट्रायल सफल मानी जा रही है।
- ड्रेन में पानी डालने की मंजूरी मिलना अभी बाकी
ड्रेन आठ में पानी डाले जाने के लिए अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इसकी अनुमति दी जानी है। इसके लिए सरकार व प्रशासन लगातार प्रयासरत है।
- अब शहर की अदंरूनी मेन लाइनों को बदलने की दरकार
विभाग ने यह प्रोजेक्ट तो पूरा कर लिया है लेकिन अब शहर के विभिन्न भागों में डैमेज पड़ी सीवर लाइनों को बदलने करने की सख्त जरूरत है। 45 साल पुरानी लाइनें काम नहीं कर रही है जिससे शहर से सीवर के पानी की पूरी तरह से निकासी नहीं हो पा रही है। मेन लाइनें बैक मार रही है। ऐसे में शहर में सीवर के आंतरिक ढांचे को सुदृढ़ करने की जरूरत है।
प्रारंभिक तौर पर यह प्रोजेक्ट ट्रायल में सफल हो रहा है। प्रतिदिन एसटीपी से मोटरें के जरिये सीवर के पानी का उठान किया जा रहा है। एक सप्ताह से मोटरें चलाई जा रही हैं। फिलहाल इसमें कोई व्यवधान नहीं आया है।
-बीके जावला, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग