पानी और सीवर समस्याओं के समाधान के लिए जिले के 121 गांवों में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति का दोबारा गठन किया जाएगा। इन गांवों के सरपंचों को समिति का चेयरमैन बनाया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को जल मिशन की बैठक में उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने निर्देश दे दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत अब प्रत्येक गांव में सामुदायिक स्तर कमेटियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इस कमेटी में नए नियमानुसार कम से कम पचास प्रतिशत महिलाओं को शामिल किया जाएगा। यह कमेटी मिशन के हर कार्य में अपना योगदान देगी और ग्राम पंचायत से इसमें दस प्रतिशत आर्थिक या श्रम के रूप में सहयोग लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिले के 166 ग्राम पंचायतों में से 121 गांवों में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति दोबारा बनाई जाएगी। इस समिति में चेयरमैन सरपंच बनाया जाएगा और सरपंच व ग्राम सचिव को अधिकृत करते हुए कमेटी का बैंक खाता खुलवाया जाएगा। बैठक में एडीसी मोहम्मद इमरान रजा, नगराधीश संदीप अग्रवाल, जनस्वास्थ्य विभाग एक्सईएन शशिकांत, डीईओ रामौतार शर्मा, सुरेश कुमार भी मौजूद रहे।
11 सदस्यीय होगी कमेटी
उपायुक्त ने कहा कि कमेटी में तीन पंच होंगे, जिनमें एक महिला पंच, सामान्य वर्ग का पंच एवं एक अनुसूचित वर्ग का पंच होगा। चार सदस्य ये पंच और सरपंच मिलकर चुनेंगे। इनमें गांव के सेल्फ हेल्प ग्रुप की सदस्य, आशा वर्कर, आंगनबाडी कार्यकर्ता, युवा समाजसेवी, चौकीदार या साक्षर महिला समूह की अध्यक्ष हो सकती है। एक ग्राम सचिव, एक जनस्वास्थ्य विभाग का कनिष्ठ अभियंता व एक पंचायती राज का जेई शामिल किया जाएगा। इस प्रकार इसमें 11 सदस्य होंगे, जिनमें से कम से कम चार महिलाएं होंगी।
ग्राम पंचायत 10 और सरकार 90 प्रतिशत वहन करेगी खर्च
उपायुक्त ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी गांवों में यह कमेटी नए सिरे से बना दी जाए। गांवों में पानी के सभी कनेक्शनों को नियमित करवाना इसका पहला काम होगा। गांव में जो काम इस मिशन के तहत करवाए जाएंगे, उसका दस प्रतिशत ग्राम पंचायत व नब्बे प्रतिशत सरकार वहन करेगी। पंचायत यह राशि किसी विकास अनुदान या सामुदायिक रूप राशि एकत्रित कर दे सकती है। कार्य में दस प्रतिशत खर्च के बदले श्रमदान करके भी इसे चुकाया जा सकता है।
हर घर को नल से जल देने का है लक्ष्य : उपायुक्त
शिवप्रसाद शर्मा ने कहा कि जल जीवन मिशन का एक ही लक्ष्य है कि हर घर को नल से जल दिया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन की शुरूआत की थी। हरियाणा में सरकार ने वर्ष 2022 तक यह टारेगट हासिल करने का निश्चय किया हुआ है।