धनासरी गांव में मंदिर के सामने भरा दूषित पानी।
कादमा। धनासरी गांव में स्थित मंदिर के सामने लंबे समय से दूषित जलभराव की समस्या बनी है। भगवान शिव और बालाजी मंदिर के बाहर बनी समस्या के कारण श्रद्धालुओं को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। विभाग और कर्मचारियों की अनदेखी से सभी श्रद्धालुओं विशेषकर महिलाओं में आक्रोश है। उन्होंने विभाग और प्रशासन से समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई।
ग्रामीणों का कहना है कि सफाईकर्मियों की लापरवाही भी जलभराव के लिए जिम्मेदार है। लंबा समय बीतने के बाद भी विभाग की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया गया है। इस कारण ग्रामीणों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर वाला मार्ग गहराई में स्थित है जबकि दूसरी तरफ की गली को निर्माण के दौरान ऊंचा किया गया है।
स्थानीय महिलाओं ने बताया कि यह मंदिर ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है, लेकिन यहां जलभराव और गंदगी के कारण श्रद्धालुओं का आना-जाना मुश्किल हो रहा है। सुबह-शाम पूजा करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को दूषित पानी से होकर मंदिर तक पहुंचना पड़ रहा है।
महिलाओं ने बताया कि कई दिनों बाद नालियों की सफाई की जाती है और यह व्यवस्था भी मंदिर के सामने हुए जलभराव का कारण है। अगर क्षेत्र में सफाई नियमित रूप से कराई जाए तो वहां से जलनिकासी हो सकती है।
वहीं, गांव के सफाईकर्मी का कहना है कि ग्राम पंचायत की ओर से उन्हें संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस कारण सफाई में दिक्कतें आ रहीं हैं। ग्रामीण बिमला, सुनील देवी, राजबाला और राजकुमार आदि ने समस्या का समाधान करने की मांग की है।