चरखी दादरी। गांव बिरही कलां स्थित अध्यापक प्रशिक्षण संस्थान में जलभराव होने से प्राध्यापकों को परेशानी हो रही है। यह चरखी दादरी व भिवानी जिले की एकमात्र डाइट है।
भवन के चारों ओर ओर जलभराव हो गया है। इससे भवन को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बन रही है। संस्थान में समय-समय पर अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। 13 सितंबर को हुई बारिश से डाइट परिसर में जलभराव हो गया। डाइट का भवन पहले ही काफी छोटा पड़ रहा है। यहां पर्याप्त जगह नहीं होने से प्रशिक्षण में दिक्कत आ रही है। जलभराव होने से प्राध्यापकों को आने-जाने में भी दिक्कत हो रही है। बिरही कलां तराई क्षेत्र है। हर साल बारिश सीजन में इस क्षेत्र में जलभराव होता है। हालांकि विभाग की ओर से पंप एवं मोटर लगाकर पानी की निकासी करवाई जाती है जिसमें काफी समय लग जाता है तब काफी नुकसान हो जाता है।
पूर्णिमा के अवसर पर गुरु रविदास की महिमा का किया गुणगान
बाढड़ा। गुरु रविदास मंदिर में पूर्णिमा के अवसर पर भंडारा आयोजित किया गया। लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और गुरु महिमा का गुणगान किया। मंदिर समिति सदस्यों ने गुरु रविदास के बताए मार्ग पर चलने की अपील की। पूर्व डीईओ जयप्रकाश ने कहा कि गुरु रविदास ने विश्व में प्रेम और सद्भाव का प्रकाश फैलाया। कश्मीर सिंह ईटीओ ने कहा कि गुरु रविदास मंदिर के लिए हर संभव मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। इस अवसर पर समिति प्रधान महावीर, कोषाध्यक्ष महेंद्र लाडावास,पूर्व एएफएसओ भरत सिंह, पूर्व सरपंच होशियार सिंह, मीर सिंह जेवली, सरपंच महिपाल आदि मौजूद रहे।
खनन कंपनी पर लगाया ग्राम पंचायत को नुकसान पहुंचाने का आरोप
बाढड़ा। गांव पिचौपा कलां स्थित माइनिंग जोन में राॅयल्टी की मांग के लिए बुधवार को 18वें दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी रहा। अर्जुन शर्मा की अध्यक्षता में धरने पर बैठे पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।
अर्जुन शर्मा ने कहा कि खनन कंपनी नियमों का उल्लंघन कर ग्राम पंचायत को नुकसान पहुंचा रही है। ग्रामीण कंपनी को राॅयल्टी जमा करवाने की अपील कर रहे हैं। कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। कंपनी ग्रामीण विकास की राशि हड़प रही है। जब तक कंपनी पंचायत को रॉयल्टी नहीं देती है तब तक बेमियादी धरना जारी रहेगा। खनन क्षेत्र में कार्य नहीं करने दिया जाएगा। धरनास्थल पर दलबीर, रोहताश,जसवीर, संजय,सोनू, कृष्ण, सदीप, रवि, अनिल, अंजीत, राजेंद्र सिंह, भीम सिंह, संजय कुमार, जसवंत, वेदप्रकाश, सुरेंद्र, सुनील, धर्मवीर आदि ग्रामीण मौजूद रहे।