चरखी दादरी। गर्मी शुरू होते ही पानी की खपत बढ़ने लगी है। अभी शहर में पानी की दैनिक खपत 98 लाख लीटर है लेकिन अप्रैल के अंत तक पानी की खपत में करीब 67 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना है। इसके बाद खपत बढ़कर 1.45 करोड़ लीटर पहुंच जाएगी। विभाग के लिए इस खपत की पूर्ति करना चुनौती से कम नहीं होगा। फिलहाल विभाग के पास खपत के अनुसार पानी भंडारण क्षमता नहीं है।
जनस्वास्थ्य विभाग नगर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति कर रहा है। शहर में दो जलघरों के जरिये पानी की आपूर्ति की जाती है। मेन चंपापुरी जलघर से शहर के 60 प्रतिशत क्षेत्र में आपूर्ति की जाती है। शेष 40 प्रतिशत आपूर्ति दूसरे जलघर रामनगर से की जा रही है। विभाग सुबह पांच बजे पानी की आपूर्ति शुरू कर देता है जो देर रात 10 बजे तक जारी रहती है।
रात में बूस्टिंग स्टेशनों को भरा जाता है ताकि सुबह घरों में आपूर्ति की जा सके। करीब 20 दिन बाद कूलर चलाने की जरूरत पड़ेगी। इससे पानी की खपत बढ़ने पर आपूर्ति भी बढ़ाना जरूरी होगा। शहर की आबादी 90,000 से अधिक हो चुकी है। इसके बावजूद यहां सर्दी में भी पेयजल संकट बना रहता है। इसका कारण कम भंडारण क्षमता है।
शहर में वैध पेयजल कनेक्शन करीब 17,000 हैं जबकि 8,000 अवैध कनेक्शन भी हैं। इन अवैध कनेक्शन धारकों के जरिए भी एक प्रकार से पानी की चोरी हो रही है। कई जगह तो मेन लाइनों से कनेक्शन दिए गए हैं जो नियम के अनुरूप नहीं हैं। इससे कई गलियों में पानी का दबाव कम हो रहा है। इन अवैध कनेक्शन धारकों से सरकार के राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।
विभाग पेयजल बिल के रूप में 120 रुपये प्रति माह वसूलता है जिन उपभोक्ताओं ने पानी का मीटर लगवाया है उनसे 60 रुपया प्रति माह वसूला जा रहा है। विभाग के पास अभी छह जल भंडारण टैंक हैं जबकि न्यूनतम 10 टैंक चाहिए। तब जाकर 20 से 25 दिन का पानी भंडारण किया जा सकता है। अभी भंडारण क्षमता 14 दिन की है।
- 3,000 से ज्यादा कैंपर मंगवाए जा रहे शहर में
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जो पेयजल आपूर्ति किया जाता है, कई लोग उसे पीने से कतराते हैं। लोग रोजाना 15 रुपये देकर पानी के कैंपर मंगवाए हैं। शहर में करीब आठ फर्मों से जुड़े लोग शहर में रोजाना 3,000 से ज्यादा कैंपर लोगों तक पहुंचाते हैं। इस लिहाज से शहरवासी कैंपरों के जरिये रोजाना करीब साढ़े चार लाख रुपये का पानी खरीदकर पीने के लिए मजबूर हैं। कई लोग घरों में पानी के टैंकर भी मंगवाते हैं।
- सभी जलघरों को भरना विभाग की प्राथमिकता
छह अप्रैल को जिले की नहरों में पानी पहुंच चुका है और इसके बाद ही सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आपसी तालमेल बनाकर जिले के सभी 60 जलघरों को भरने की कवायद में जुटे हैं। जिले के ज्यादातर जलघरों के टैंकों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। इस बार जिले को 850 क्यूसेक पानी मिला है। इससे जलघरों और तालाबों को भरना भी विभाग की प्राथमिकता है।
गर्मी सीजन को देखते हुए विभाग सतर्क हो गया है। सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। इस समय जलघरों में पानी डाला जा रहा है। लोगों के समक्ष पेयजल की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। लोगों को चाहिए कि वे पानी की बर्बादी न होने दें। - सोहनलाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।