गांव समसपुर में छह वर्ष पूर्व शुरू हुए जिलास्तरीय खेल स्टेडियम का निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। बजट की कमी और प्रशासनिक देरी के कारण स्टेडियम का अधिकांश हिस्सा अभी भी अधूरा पड़ा है जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में निराशा है। लोक निर्माण विभाग ने इस परियोजना पर अब तक लगभग 20.79 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
निर्माण कार्य पूरा करने के लिए विभाग ने 6.35 करोड़ रुपये का रिवाइज्ड एस्टीमेट सरकार को भेजा था, लेकिन छह माह बीत जाने के बावजूद मंजूरी नहीं मिल सकी। इससे कार्य की गति प्रभावित हो रही है।
खिलाड़ियों को झेलनी पड़ रही परेशानियां
जिलास्तरीय स्टेडियम की घोषणा के बाद ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास सुविधाओं की उम्मीद थी। अधूरी परियोजना के कारण उन्हें अभ्यास के लिए निजी मैदान या अन्य जिलों का रुख करना पड़ रहा है।
कई कार्य अधूरे
स्टेडियम परिसर में मैदान का समतलीकरण अधूरा है। बहुउद्देश्यीय हॉल, खिलाड़ियों और कोचों के कमरे, बाथरूम और दर्शक दीर्घा का निर्माण भी लंबित है। कई हिस्सों में अधूरी निर्माण सामग्री और ढांचे दिखाई देते हैं।
स्टेडियम निर्माण से मिल सकेगा लाभ
खेल प्रेमियों का कहना है कि यदि समय पर बजट जारी कर निर्माण कार्य पूरा कराया जाए तो जिले के खिलाड़ियों को काफी लाभ मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं वाला स्टेडियम बनने से एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबाल, फुटबाल और अन्य खेलों के खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास का अवसर मिलेगा। साथ ही जिला स्तर और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी यहां किया जा सकेगा।
-
स्टेडियम का रिवाइज एस्टीमेट सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है लेकिन अभी तक एस्टीमेट को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
- विष्णु भगवान, जिला खेल अधिकारी।