चरखी दादरी। वर्ष 2025 स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर साल रहा। इस साल में नागरिक अस्पताल व एमसीएच यूनिट अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण सुविधाओं को विस्तार दिया गया। वहीं 2026 में गांवों में उप-स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार होंगे और मेडिकल कॉलेज बनने का कार्य शुरू होगा।
इस साल आमजन को अस्पताल में ब्लड बैंक की सुविधा मिली, सीटी स्कैन होने लगे, सिजेरियन सर्जरी की सुविधा मिली, अस्पताल को 100 बेड से अपग्रेड करके 200 बेड का बनाया गया। हालांकि अभी 200 बेड जितनी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। नए साल वर्ष 2026 में अस्पतालों में अपग्रेड अनुसार सुविधाएं, चिकित्सक, मशीनरी मिलेगी। गांवों में स्वास्थ्य उप केंद्र बनाएं जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज का निर्माण होना है। यह साल काफी कुछ स्वास्थ्य विभाग को देकर गया है और आने वाला साल से भी काफी उम्मीदें जुड़ी हुई है। संवाद
- वर्ष 2025 में मिली ये सुविधाएं
1. ब्लड बैंक की शुरुआत
2025 के जुलाई माह में दादरी के नागरिक अस्पताल में ब्लड बैंक की शुरुआत हुई। सिविल अस्पताल में 500 यूनिट भंडारण क्षमता के ब्लड बैंक का ढांचा तैयार करने पर 19 लाख लागत आई है। सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक सुविधा शुरू होने से मरीजों के तीमारदारों समेत अस्पताल स्टाफ को भिवानी की भाग दौड़ से छुटकारा मिला और जिले की करीब साढ़े पांच लाख की आबादी को लाभ मिला है।
2. सिजेरियन सर्जरी की सुविधा
इसी वर्ष फरवरी माह में एमसीएच यूनिट अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लिए सिजेरियन डिलीवरी जैसी जटिल प्रसव सर्जरी के अवसर प्रदान किए गए। इससे पहले महिलाओं को सिजेरियन सर्जरी के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। अब अनुभवी डॉक्टरों की ओर से यहीं सुरक्षित चेक-अप और ऑपरेशन होने से मांओं और नवजातों दोनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। सर्जरी से जुड़े जोखिम कम हुए हैं और प्रसूति क्षेत्र में यह बदलाव जीवन-रक्षक साबित हो रहा है।
3. सीटी स्कैन का लाभ मिला
नागरिक अस्पताल में आधुनिक सीटी-स्कैन सुविधा नवंबर माह में शुरू हुई, जिससे मरीजों को अब भिवानी या रोहतक नहीं जाना पड़ रहा है। शंघाई से मंगवाई गई 80 स्लाइस वाली मशीन से सिर व शरीर की गंभीर जांच तुरंत यहीं संभव हुई। पहले प्रतिदिन कई मरीजों को परीक्षण हेतु दूसरे शहर भेजा जाता था, मगर अब सीटी-स्कैन स्थानीय स्तर पर कम खर्च में उपलब्ध होने से इलाज तेज और सस्ता हुआ है। इससे आपातकालीन निर्णय लेने में भी मदद मिल रही है।
4. आंखों के ऑपरेशन की सुविधा
मार्च माह में नागरिक अस्पताल दादरी में नेत्र सर्जरी की सुविधा शुरू की गई, जिससे अब मोतियाबिंद सहित अन्य आंखों से जुड़ी ऑपरेशनों का इलाज जिले में ही संभव हुआ। पहले मरीजों को रोहतक, भिवानी या निजी क्लीनिकों में जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होता था। स्थानीय आंख विशेषज्ञों की टीम और ऑपरेशन थिएटर से मरीजों को बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। यह कदम दृष्टिदान और आंखों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।
5. सामान्य ऑपरेशन की शुरुआत
2025 के अक्टूबर माह में सामान्य सर्जरी सेवाएं नागरिक अस्पताल दादरी में फिर से शुरू की गईं। इसमें पथरी निकासी, हर्निया मरम्मत, अपेंडिक्स जैसी सामान्य ऑपरेशन शामिल हैं, जो पहले प्राइवेट अस्पतालों में कराए जाते थे। अब मरीज सरकारी अस्पताल में भरोसेमंद इलाज पाकर महंगे खर्च और लंबी यात्रा से बच रहे हैं। डॉक्टरों की स्थायी टीम और उन्नत उपकरणों से सर्जिकल केयर में भी तेजी और सुरक्षित उपचार सुनिश्चित हुआ है।
6. घुटने-कूल्हे बदलने की सर्जरी
इसी वर्ष में घुटने और कूल्हे प्रत्यारोपण जैसी ऑर्थोपेडिक सर्जरी की सुविधा नागरिक अस्पताल में शुरू हुई। इन सर्जरी के लिए पहले मरीजों को बड़े शहरों तक जाना पड़ता था, जिससे खर्च और समय ज्यादा लगता था। अब स्थानीय स्तर पर अनुभवी आर्थोपेडिक टीम के साथ यह सेवा मिलने से बुजुर्ग और जोड़ों के रोगी सीधे जिले में ही इलाज करवा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में बेहतर जीवन गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।
7. नागरिक अस्पताल 100 से 200 बेड में अपग्रेड हुआ
2025 में नागरिक अस्पताल को 100-बेड से बढ़ाकर 200-बेड वाला अस्पताल बनाने की योजना को मंजूरी मिली और कार्यरूप दिया गया। इससे भर्ती क्षमता और सुविधाएं दोनों बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के ब्लूप्रिंट के अनुसार अधिक बेड और वॉर्ड से सर्जरी, आपातकालीन देखभाल, आईसीयू और खास चिकित्सा इकाइयों का विस्तार संभव हो रहा है। यह अपग्रेड स्थानीय मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के दिशा में एक बड़ा कदम रहा है।
- 2026 में इन योजनाओं से उम्मीद
1. गांवों में बनकर तैयार होंगे उप-स्वास्थ्य केंद्र
2026 में दादरी के ग्रामीण इलाकों में उप-स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे, जिससे प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं घर के नजदीक मिलेंगी। अभी कई गांवों के मरीजों को उपचार के लिए मुख्य शहर की तरफ चलना पड़ता है। फिलहाल 45 सब स्टेशन पर काम किया चल रहा है, इन पर 27.72 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है। 14 पर काम पूरा हो चुका है तथा 5 पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा 10 के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है और 15 को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है।
2. ब्लड बैंक में प्लाज्मा व अन्य सुविधाएं मिलेंगी
दादरी के ब्लड बैंक को और उन्नत सुविधाओं से लैस किया जाएगा। एक साल बाद प्लाजमा संग्रण, प्लेटलेट्स जैसी सुविधाएं शुरू करने के लिए लाइसेंस मिल जाता है। यह भी नए साल में मिल जाने की उम्मीद है। इससे प्लाज्मा संग्रह और प्रोसेसिंग जैसी तकनीकी सेवाएं शामिल होंगी। इससे गंभीर दुर्घटना मरीजों, कोविड जैसी स्थिति में जरूरतमंदों को तत्काल सहायता मिल सकेगी। प्लाज्मा और अन्य घटकों के कारण इलाज की गुणवत्ता और आपात सेवा की तत्परता में वृद्धि होगी, जिससे ब्लड-आधारित उपचार स्थानीय स्तर पर ही सुलभ रहेंगे।
3. टोकन से इलाज मिलेगा
नागरिक अस्पताल में टोकन प्रणाली लागू होने की योजना है, जिससे ओपीडी और अन्य सेवाओं में मरीजों को लाइन के इंतजार से बचाया जाएगा। इससे समय प्रबंधन बेहतर होगा और मरीजों का इलाज अनुशासित व व्यवस्थित तरीके से होगा। टोकन प्रणाली से विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण, पहचान, प्राथमिकता और सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा, जिससे अस्पताल संचालन अधिक सुगम तथा पारदर्शी बनेगा।
4. मेडिकल कॉलेज का काम होगा शुरू
दादरी में 2026 में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का कार्य शुरू होने की संभावना है। इसके लिए गांव घसौला की 102 एकड़ भूमि फाइनल हो चुकी है। इस पर अगले वर्ष काम पूरा होने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज से उच्च चिकित्सा शिक्षण और शोध को बढ़ावा मिलेगा। मेडिकल कॉलेज के बनने से स्थानीय लोगों के लिए डॉक्टर-नर्सिंग शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे और अस्पताल में विशेषज्ञों की संख्या में भी वृद्धि होगी। यह जिला-स्तर पर स्वास्थ्य सेवा ढांचे को मजबूत करेगा और भविष्य में गंभीर रोगों के इलाज में दक्षता लाएगा।
5. 200-बेड के अनुसार बढ़ेंगी सुविधाएं
2026 में 200-बेड अस्पताल का विस्तारित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा। अस्पताल में 200 बेड की सुविधा के अनुसार अत्याधुनिक मशीनरी जोड़ी जाएगी। बेड क्षमता बढ़ने से भर्ती प्रक्रिया तेज होगी और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध होगा। साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सक एवं स्टाफ की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे अस्पताल हर विभाग में बेहतर सेवाएं देने में सक्षम होगा।
6. पीएचसी-सीएचसी का निर्माण
2026 में गांवों में पीएचसी व सीएचसी का निर्माण और विस्तार किया जाएगा। इससे दूर-दराज इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधरेगा और गंभीर मरीजों का प्राथमिक इलाज स्थानीय स्तर पर संभव होगा। पीएचसी-सीएचसी निर्माण से गांवों के लोगों को बेहतर जांच, दवा और आपातकालीन सेवाएं घर के पास मिलेंगी, जिससे अस्पतालों पर भी दबाव कम होगा। इसके लिए भी विभाग योजना बना रहा है।
वर्ष 2025 में हमने कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को जोड़ने का प्रयास किया है। इसके अलावा जो काम शेष है उन्हें वर्ष 2026 में अमलीजामा पहनाया जाएगा।
- डॉ. नरेश कुमार, सीएमओ।