दादरी नागरिक अस्पताल भवन के खंभे से टूटकर गिरा मलबा। संवाद
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अस्पताल भवन की दीवार में आईं मोटी दरारें। संवाद
- लोक निर्माण विभाग की टीम ने निरीक्षण के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग को सौंपा था एस्टीमेट, 5 माह बाद भी मुख्यालय से स्वीकृति मिली न ग्रांट
- दादरी नागरिक अस्पताल भवन को तुरंत मरम्मत की दरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी नागरिक अस्पताल भवन मरम्मत के लिए अब तक जिला स्वास्थ्य विभाग को मुख्यालय से बजट नहीं मिला है। 5 माह पहले लोक निर्माण विभाग की ओर से सौंपे गए एक करोड़ के एस्टीमेट की फाइल मुख्यालय भेजी गई थी, लेकिन, अब तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है। वहीं, बजट के अभाव में मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
दादरी नागरिक अस्पताल के बीमार भवन के उपचार में देरी हो रही है। दूसरी ओर हर रोज अस्पताल भवन के खंभों से मलबा टूटकर गिर रहा है। दीवारों में आईं दरारें बढ़ती जा रही हैं। इसके मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल भवन की मरम्मत कराने के लिए बजट मांगा था। यह अब तक जारी नहीं हुआ है।
दरअसल, दादरी नागरिक अस्पताल भवन के निर्माण पर 9.86 करोड़ रुपये लागत आई थी। भाजपा सरकार ने पहले कार्यकाल में अस्पताल भवन का निर्माण शुरू किया था। पिछले करीब पौने तीन साल से अस्पताल भवन क्षतिग्रस्त है। अगर समय रहते विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो कोई हादसा भी हो सकता है। अहम बात यह है कि अस्पताल भवन के चारों तरफ के पिलर क्षतिग्रस्त हैं। प्रतिदिन इनसे मलबा टूटकर गिर रहा है। इतना ही नहीं, दीवारों की दरारें भी मोटी होती जा रही हैं।
- दिसंबर 2024 में टीम ने किया था निरीक्षण
4 दिसंबर 2024 को लोक निर्माण विभाग के दो जेई की अगुवाई में टीम क्षतिग्रस्त भवन का जायजा लेने पहुंची थी। इसके बाद टीम ने करीब एक करोड़ का भवन मरम्मत एस्टीमेट तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा था। स्थानीय अधिकारियों ने एस्टीमेट मुख्यालय भेजकर बजट की मांग की थी।
- ये होंगे काम
अस्पताल भवन के चारों तरफ बने खंभे क्षतिग्रस्त हैं। इन सबकी मरम्मत होगी। इसके अलावा, दीवारों को दुरुस्त किया जाएगा। प्रथम तल के कमरों में आईं दरारें खत्म की जाएंगी। क्षतिग्रस्त रेलिंग भी बदली जाएंगी।
- 1,000 से अधिक रहती है दैनिक ओपीडी
इन दिनों नागरिक अस्पताल की ओपीडी 20 प्रतिशत बढ़ी हुई है। प्रतिदिन 1,000 से ज्यादा मरीज यहां पहुंच रहे हैं। इनमें 150 से अधिक मरीज प्रतिदिन एक्स-रे भी करवाते हैं। वहीं, प्रतिदिन इमरजेंसी कक्ष में पांच से सात केस आते हैं। भवन क्षतिग्रस्त होने के चलते यहां हादसों का अंदेशा बना है।
वर्सन:
अस्पताल भवन की मरम्मत कराने की फाइल मुख्यालय भेजी हुई है। वहां से स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जा सकेगा। उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति और बजट मिल जाए।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग