झोझूकलां। जनस्वास्थ्य विभाग ने बादल गांव में जलघर तो बना दिया, लेकिन ग्रामीणों को पेयजल कनेक्शन नहीं दिए। लोगों को इसका इंतजार है। गांव में दूषित पानी की निकासी के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं। इस कारण भी ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से पेयजल और जलभराव की समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
ग्रामीण धर्मबीर, दीपक, अनूप, सतबीर आदि ने बताया कि दूषित जल निकासी गांव की मुख्य समस्या है। ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या से त्रस्त हैं। पंचायत की ओर से मजबूरीवश गांव की पंचायती जमीन पर खुले में दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। गर्मियों के समय इसमें मच्छर-मक्खी पैदा होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ेगी। उन्होंने प्रशासन से गांव में पानी निकासी की व्यवस्था करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बोरिंग का पानी नलों से घरों तक पहुंचाया जाता है। अब जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में जलघर बनाकर इसमें पानी भरा गया है, लेकिन विभाग की ओर से गांव के किसी भी घर में पानी का कनेक्शन नहीं दिया गया है। उनका कहना है कि गांव में तीन आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से एक सरकारी भवन और दो वृद्धाश्रम में संचालित हैं।
- इन समस्याओं के समाधान की भी मांग
गांव में युवाओं के खेलने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मैदान की व्यवस्था की हुई है। ग्रामीण विभाग से खेल मैदान और शिवधाम की चहारदीवारी के निर्माण की मांग कर चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। गांव की फिरनी और पशु अस्पताल का भवन जर्जर है।
ग्रामीण बोले : लंबे समय बाद भी नहीं हुआ समाधान
गांव में सरकार की ओर से ओपन जिम का सामान रखा गया है, लेकिन इसको प्रयोग करने के लिए इसको व्यवस्था नहीं की गई है। खेल के लिए भी मैदान में भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। - रोबिन, युवा
गांव में दूषित जल निकासी सबसे बड़ी समस्या है। प्रशासन को इसकी सुध लेकर गांव में दूषित जल निकासी और संग्रहण जोहड़ बनवाना चाहिए। इससे ग्रामीणों को दूषित जल से राहत से मिलेगी। - दीपक, ग्रामीण
गांव के पशु अस्पताल का भवन भी जर्जर हालत में है। इसका भी नए सिरे से निर्माण करवाने की जरूरत है। अस्पताल में डॉक्टर आते हैं, लेकिन जर्जर भवन से मलबा गिरने का खतरा रहता है। - अजीत, ग्रामीण
बादल गांव में जलघर का निर्माण हो चुका है और इसमें पानी भी भरा जा रहा है, लेकिन किसी भी घर में पेयजल कनेक्शन नहीं मिला है। अब प्रशासन को इस पर संज्ञान लेने की जरूरत है। - राजकुमार, ग्रामीण
गांव की समस्याओं को सुलझाने के लिए कई बार विभागीय कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन समस्याओं की समाधान नहीं हुआ है। हालांकि गांव में गली के निर्माण समेत अन्य विकास कार्य जारी हैं। -अनिल सांगवान, सरपंच, बादल।