रामलवास के ग्रामीणों का आरोप : अधिकारियों को शिकायत सौंपने के बावजूद नहीं लिया गया संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/झोझूकलां। अवैध खनन और जल दोहन के विरोध में विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने माइनिंग जोन में रविवार को धरना दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी समस्या का कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
रामलवास, जावा, झोझू खुर्द समेत आठ गांवों के ग्रामीण धरने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से खनन कंपनी अवैध खनन कर रही है। कंपनी ने पहाड़ को 300 फीट गहराई तक खोद दिया है। अब उसमें से मोटर लगाकर पानी निकाला जा रहा है। इससे भूजल दोहन हो रहा है। इससे जोन के गांवों में भूजल स्तर नीचे चला गया है। गांवों में बने कुएं और खेतों में ट्यूबवेल काम नहीं कर रहे हैं। ग्रामीणों के लिए पानी का अन्य कोई स्रोत नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि अगस्त में उन्होंने डीसी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और डीसी ने उन्हें समाधान का आश्वासन दिया। कुछ दिन बाद ग्रामीण फिर एसडीएम से मिले और ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग उठाई। एसडीएम नवीन कुमार ने ज्ञापन के आधार पर मामले की जांच के आदेश दिए, लेकिन अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों को धरना शुरू करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन से हर हाल में खनन कार्य व जल दोहन बंद करवाने की मांग की है।
- धरनास्थल पर ये रहे मौजूद
धरनास्थल पर जिला पार्षद अनुवीर, बीडीसी हरीश कुमार, सरपंच संजू देवी, लालचंद, धर्मपाल, कर्मबीर, मुकेश यादव, विजयवीर, सुरेश कुमार, सुखीचंद, रामपाल, मनबीर, सत्यप्रकाश, अत्तरसिंह, जयविंद्र, मनफूल, राजकुमार समेत अन्य गांवों के लोग मौजूद रहे।
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रामलवास क्रशर जोन में धरना देते ग्रामीण। स्रोत : ग्रामीण
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रामलवास जोन में किया गया अवैध खनन। स्रोत : ग्रामीण