क्रशर जोन में गहरी खुदाई से भूमिगत पानी निकलने से खफा रामलवास के ग्रामीणों ने रविवार को माइनिंग जोन में पहुंचकर काम बंद करवा दिया। ग्रामीण वहीं धरने पर बैठ गए। झोझूकलां थाना प्रभारी दिलबाग सिंह ने शाम चार बजे ग्रामीणों को आश्वस्त कर धरना खत्म करवाया।
रामलवास माइनिंग में हो रही गहरी खुदाई में भूमिगत जल निकल आया है। इस पानी को वहां कार्यरत कर्मचारी पास ही बनाए गए बोरिंग में डाल रहे हैं, जिसके कारण आसपास के ट्यूबवेलों का पानी भी खारा होता जा रहा है। माइनिंग में भूमिगत जल का दोहन होने से क्षुब्ध ग्रामीण रविवार को एकत्रित होकर माइनिंग जाने में पहुंचे। ग्रामीणों ने वहां कार्य बंद करवा दिया और पाइप लाइन को हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि माइनिंग जोन में जल दोहन होने से क्षेत्र का भूमिगत जलस्तर भी प्रभावित हो रहा है। जमीनी पानी खराब होने से समीपवर्ती गांवों की फसलों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गहरी खुदाई करने से माइनिंग जोन में गड्ढे बने हुए हैं और जमीनी चव्वा ऊपर आ रहा है। ग्रामीणों ने कथित आरोप लगाए कि मुनाफा कमाने के चक्कर में जमीनी पानी का लगातार दोहन हो रहा है। शाम करीब चार बजे झोझूकलां थाना प्रभारी दिलबाग सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वस्त कर धरना खत्म करवाया।
भूमिगत जल में ही हो रही है ब्लास्टिंग
ग्रामीणों ने कहा कि रामलवास माइनिंग में पत्थर निकालने के लिए कंपनी द्वारा माइनिंग में एकत्रित हुए पानी को निकालकर ब्लास्टिंग की जा रही हैं। ब्लास्टिंग में उपयोग की जाने वाली बारूद व अन्य केमिकल पानी में मिल जाते हैं। इस पानी को कंपनी पास किए गए बोर में डाल रही हैं। यह पानी ट्यूबवेल के पानी में मिक्स होकर खेतों तक पहुंच रहा है।
कई बार कर चुके हैं ग्रामीण शिकायत
नंबरदार अत्तर सिंह, सरपंच सुरेंद्र सिंह, शेर सिंह, मनफूल सिंह व जोगेंद्र ने बताया कि माइनिंग जोन में अवैध तरीके से भूमिगत जल का दोहन हो रहा है। इस संबंध में वे माइनिंग विभाग, जल विभाग व जिला उपायुक्त को शिकायत दे चुकें हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। माइनिंग कंपनी द्वारा अपने निजी फायदे के लिए पहाड़ को 200 फुट गहराई तक खोदा जा चुका है।
रामलवास माइनिंग में भूमिगत जल के दोहन को लेकर ग्रामीणों ने धरना दिया था। माइनिंग साइट से पंप सेट और पाइप लाइन हटवा दी गई है। इसके बाद ग्रामीण धरना खत्म करके घर लौट गए।
दिलबाग सिंह, थाना प्रभारी झोझूकलां।