सरल केंद्र के डाटा ऑपरेटरों पर लग रहे आरोपों के बीच उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बुधवार को सभी आपरेटरों को कार्यमुक्त कर दिया। यही नहीं, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए डीआईटीएस के कंप्यूटर ऑपरेटरों को रैडमाइजेशन प्रक्रिया से कार्यभार सौंपा। इसके अलावा निर्देश दिया गया कि अब सरल केंद्र के डाटा ऑपरेटर केवल ड्यूटी के दौरान कार्यालय से ही वाहन और सारथी एप चला सकेंगे।
बता दें कि सामाजिक संगठनों और समाजसेवियों ने एक माह पहले सरल केंद्र की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए थे। उपायुक्त ने इसी कड़ी में बुधवार को इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान उपायुक्त ने कहाकि वाहन और सारथी एप कार्यदिवस के दिन केवल ऑफिस समय में कार्यालय के कंप्यूटर सेट पर चलाए जाएंगे। इनको कोई भी ऑपरेटर बाहर से ऑपरेट नहीं कर सकेगा। ऐसा कोई मामला पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अब दादरी और बाढड़ा एसडीएम अपने कार्यालय में कर्मचारियों का किसी भी सीट पर स्थानांतरण कर सकेंगे।
नागरिकों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क
सरल केंद्र में नागरिकों की सहायता के लिए एक हेल्प डेस्क बनाया गया है। अब राइट-टू -सर्विस एक्ट की पालना के लिए भी एक हेल्प डेस्क अलग से बनाया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से भी इस कार्य में सहयोग लिया जाएगा, जिससे कि वे अपने अधिवक्ता या पैरालीगल वालंटियर की सेवाएं यहां दे सकें। सरल केंद्र में हर काम के लिए फीस और समय सीमा का बोर्ड भी लगा दिया गया है।
नियमित कर्मचारी भी देंगे सरल केंद्र पर ड्यूटी
उपायुक्त ने कहा कि सचिवालय के नियमित कर्मचारियों को भी सरल केंद्र की सेवाओं व राजस्व जमाबंदी आदि का कार्य सिखाया जाएगा, जिससे कि उनसे भी सरल केंद्र में कार्य लिया जा सके। इस अवसर पर नगराधीश सुरेश कुमार व दादरी एसडीएम डॉ. विरेंद्र सिंह ने भी अपने विचार रखें। सभागार में जिला सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी अमित लांबा, बिपिन, देवेश, अजीत, संत कुमार, सुखवंती, अजय कुमार, हरिओम, राम, मानवेंद्र आदि उपस्थित रहे।