लघु सचिवालय में आयोजित सीएनजी व पीएनजी कार्यशाला को संबोधित करते एडीसी डॉ. जयेंद्र सिंह व उपस्थ
चरखी दादरी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक अक्तूबर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल जनरेटर या वैकल्पिक ऊर्जा के तौर पर डीजल के प्रयोग को बंद करने जा रहा है। इसलिए सभी उद्योगपति सोलर एनर्जी, एलपीजी, सीएनजी या पीएनजी के प्रयोग के लिए नए उपकरणों की खरीद पर विचार करें। यह बात एडीसी डाॅ. जयेंद्र सिंह ने लघु सचिवालय सभागार में जिला उद्योग केंद्र की ओर से आयोजित हुई कार्यशाला को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने जिला उद्योग केंद्र की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि लघु उद्योग संगठन इस बात पर विचार करें कि जनरेटर या मशीनों में डीजल का प्रयोग बंद होने के बाद उनके उत्पाद पर नए उपकरणों के प्रयोग से कितनी लागत आएगी। एनसीआर एरिया में पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्र सरकार व एनजीटी ने डीजल बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में बिजली वितरण निगम के साथ भी उद्योग संघ की एक बैठक होनी चाहिए।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक इतबार सिंह गोदारा ने कहा कि अडानी टोटल गैस लिमिटेड ने सीएनजी व पीएनजी के इस्तेमाल का एक विकल्प उद्योगपतियों के समक्ष रखा है। यह दूसरे ऊर्जा स्त्रोत की अपेक्षा एक सस्ता साधन है। उद्योगपति तिलक जैन ने कहा कि पहले अडानी ग्रुप एक कार्य योजना बनाकर दे कि वे किस प्रकार से दादरी की फैक्ट्रियों को सीएनजी मुहैया करवाएंगे। इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कृष्ण कुमार, अडानी कंपनी से मुकेश, अविनाश, दादरी के फैक्ट्री संचालक राकेश अरोड़ा, सतीश बजाज, बलराम गुप्ता, डीआईसी के प्रवीन कुमार, बिजली विभाग के एसडीओ प्रदीप कुमार इत्यादि मौजूद रहे।