यूरिया खाद की किल्लत होने से क्षेत्र के किसान परेशान हैं। मांग के मुताबिक क्षेत्र में यूरिया खाद नहीं पहुंच पा रही है। वहीं, किसानों को यूरिया के साथ सल्फर खरीदने की शर्त को मंजूर नहीं है। रविवार को निजी दुकान पर पहुंचे 415 यूरिया के बैग केवल एक घंटे में ही खत्म हो गए।
एक किसान को आधार कार्ड पर चार बैग यूरिया के ही मिलते हैं, लेकिन खाद की किल्ल्त के चलते अब किसानों के लिए एक बैग लेना भी मुश्किल बना हुआ है। सोसायटी में पांच जनवरी को खाद का खेप पहुंची थी, जो उसी दिन खत्म हो गई थी।
रविवार को निजी दुकान पर पहुंची खाद की सूचना मिलते ही काफी संख्या में किसान पहुंचे। खाद लेकर पहुंचे वाहन से किसानों ने सीधे अपने वाहन में खाद के बैग उठाकर रखने शुरू कर दिए। इस दौरान कुछ किसान खाद लेने में कामयाब रहे, जबकि ज्यादातर को स्टॉक खत्म होने पर लौटना पड़ा।
दुकानदार सुंदर सिंह ने बताया कि काफी दिनों से खाद के लिए मांग भेज रहे थे। रविवार को 415 बैग लेकर गाड़ी दुकान पर पहुंची ही थी। इस बार यूरिया के साथ ही विभाग की तरफ से सल्फर भेजी गई है, जो किसान लेने के लिए तैयार नहीं हैं।
25 किलो यूरिया के साथ करें सल्फर का छिड़काव
कृषि विभाग के एडीओ नितिन जांगड़ा ने बताया कि गेंहू में अब सिंचाई की आवश्यकता हैं। किसानों को ध्यान रखना चाहिए कि खाद का ज्यादा मात्रा में छिड़काव न करें। एक एकड़ में 25 किलोग्राम यूरिया के साथ सल्फर का छिड़काव करें, ताकि पौधे की ग्रोथ अच्छी हो सके।