चरखी दादरी। जिले के सतगामा क्षेत्र में अंडरग्राउंड ड्रेन निर्माण का कार्य बीच में रुका हुआ है। अधिकारी इस तराई क्षेत्र में जमीन के पानी का स्तर काफी ऊपर होने की वजह से काम में बाधा आने की बात कह रहे हैं।
बता दें कि हर साल इस क्षेत्र में करीब पांच हजार एकड़ क्षेत्र में मानसून सीजन में जलभराव होता है। ड्रेन निर्माण के दौरान तीन फीट चौड़ी अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जानी है। क्षेत्र में पिछले तीन दशक से यह समस्या चली आ रही है। जिले में हर साल मानसून सीजन में जलभराव की वजह से करीब पांच हजार एकड़ जमीन में खरीफ की फसल खराब हो जाती है। खरीफ ही नहीं अगली रबी की बिजाई का काम भी देरी से पूरा हो पाता है जिससे किसानोंं को हर साल लाखों रुपये की चपत लगती रही है।
जिले के गांव इमलोटा, अचीना, मोरवाला, सरूपगढ़, भागवी, कन्हेटी, सांतौर, लोहरवाड़ा, झिंझर, समसपुर, खातीवास, जयश्री, कमोद, मिसरी, रावलधी, चरखी, पैतावास, मानकावास, पांडवान, बिरही कलां, छपार, फतेहगढ़, साहुवास, बौंदकलां, रणकौली आदि गांवोंं में हर साल जलभराव की समस्या बनती है जिससे हर साल करोड़ोंं की सड़कें भी खराब हो जाती हैं। इस एरिया में हर साल नई सड़कें भी बनानी पड़ती हैं।
- नहीं है बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था
इन गांवों में इस समय बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था नहीं है। ज्यादा बारिश होने पर किसान फसलों की बिजाई भी नहीं कर पाते जिससे उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ती है। तीन साल पहले सरकार ने जिले में एक बड़ी ड्रेन बनाए जाने की प्लानिंग तैयार की थी लेकिन यह प्रोजेक्ट बाद में खारिज कर दिया था। यह बड़ी ड्रेन 60 हजार फीट लंबी बनाए जाने का प्रस्ताव था लेकिन किसानों द्वारा जमीन दिए जाने से इन्कार कर दिया जाए पर इसे रद्द कर दिया गया था।
-7400 और 4500 फुट लंबी बननी हैं ड्रेन
अब सिंचाई विभाग जलभराव वाले इन क्षेत्रों में दो अंडरग्राउंड पाइप ड्रेनें बनाने जा रहा है इसके तहत गांव इमलोटा-दादरी ड्रेन और इमलोटा- कन्हेटी यह दो ड्रेनें बनाई जा रही हैं। एक ड्रेन 7400 फीट और दूसरी 4500 फीट लंबी बननी है। इस प्रकार 12 हजार 800 फीट लंबी ड्रेन का निर्माण होना है। हालांकि अब पिछले कुछ दिनों से इन ड्रेन के निर्माण का काम रुका हुआ है। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि यह तराई क्षेत्र है। इस क्षेत्र से लोहारू व बधवाना नहरें गुजरती है जिसकी वजह से यह तर एरिया है।
ड्रेन निर्माण का कार्य फिलहाल रुका हुआ है। विभाग की कोशिश है कि जल्द ही इस ड्रेन प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए। जैसे ही भौगोलिक परिस्थितियां सामान्य होती हैं ड्रेन निर्माण कार्य तेजी से शुरू करवा दिया जाएगा।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग