चरखी दादरी। हरियाणा सरकार की ओर से प्रदेश में पशुधन को जोखिम मुक्त करने के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना चलाई जा रही है। उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशुधन मिशन और राज्य सरकार के सांझा सहयोग द्वारा चलाई जा रही है। जिले के सभी पशुपालक योजना का लाभ उठाएं और अपने पशुधन का बीमा जरूर करवाएं।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डाॅ. जसवंत जून ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दो प्रकार के पशुओं का वर्गीकृत किया गया है। बड़े और छोटे पशु। बड़े पशुओं में गाय, भैंस, झोटा, घोड़ा, ऊंट, गधा, खच्चर आदि और छोटे पशुओं में भेड़, बकरी आदि का बीमा किया जाता है। प्रत्येक परिवार दस पशुधन यूनिट का बीमा करवा सकता है। एक पशुधन यूनिट का अभिप्राय एक बड़ा पशु अथवा दस छोटे पशु हैं। एक परिवार का आशय पति-पत्नी और उनके आश्रित बच्चों से है।
योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को पहुंचाने के लिए अनुसूचित वर्ग के पशुपालकों का बीमा नि:शुल्क किया जाता है। अन्य वर्गों के पशुपालकों के लाभार्थी एक निश्चित राशि प्रति पशुधन प्रति वर्ष देकर अपने बड़े पशु का और छोटे पशु का बीमा करवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत बीमित पशुधन की आकस्मिक एवं दुर्घटना मृत्यु को कवर किया जाएगा। पशुधन का बीमा हो जाने के पश्चात प्रारंभिक 21 दिनों तक केवल दुर्घटना से मृत्यु का कवरेज शामिल है (पुलिस सूचना अनिवार्य) तथा पशु की आकस्मिक ( बीमारी से) मृत्यु का कवरेज बीमा करने के 21 दिन पश्चात प्रारंभ होगा। पशुधन की चोरी कवरेज में शामिल नहीं है।
पशुधन बीमा के लिए इच्छुक लाभार्थी सरल पोर्टल या अपने निकटतम ई-सेवा केंद्र, अटल सेवा केंद्र, ई-दिशा केंद्र व अंत्योदय केंद्र के माध्यम से अपना आवेदन कर सकता है। इसके लिए परिवार पहचान पत्र, मतदाता व राशन कार्ड की कॉपी, पशु चिकित्सक द्वारा जारी पशु स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, बैंक डिटेल आदि मुहैया करवानी होगी। अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम पशु चिकित्सा संस्थान से संपर्क किया जा सकता है।