संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। राज्य परिवहन के चरखी दादरी डिपो में इस समय चालक व परिचालकों के अभाव में तैनात स्टाफ दबाव में काम करने को मजबूर है। मई माह में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत डिपो से 92 चालक व 25 चालकों का तबादला हुआ था। इसके बदले में डिपो में इस योजना के तहत कोई भी तैनाती नहीं हो पाई है, जिसके चलते बस संचालन में जिम्मेदारों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बता दें कि इस समय चरखी दादरी डिपो के पास 156 चालक व 157 परिचालकों की तैनाती है। जबकि इस समय राज्य परिवहन डिपो के पास 105 बसें हैं जिसमें से 15 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत मिली हुई हैं। ऐसे में 90 बसों के नियमित रूप से संचालन के लिए डिपो में 231 चालक व 232 परिचालकों की आवश्यकता है। हालांकि हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से डिपो को 21 परिचालक मिल चुके हैं लेकिन अभी भी 75 चालकों व 54 परिचालकों की आवश्यकता है।
- तैनात कर्मचारियों पर पड़ रहा अतिरिक्त काम का बोझ
इस समय राज्य परिवहन के चालकों की ड्यूटी अन्य सरकारी विभागों की गाड़ियां चलाने में भी लगी हुई है। ऐसे में प्रतिदिन 10 से अधिक चालक अन्य विभागों की गाड़ियां चलाने के साथ-साथ अन्य कार्याें में ड्यूटी देते हैं। 90 बसों के संचालन की जिम्मेदारी भी इस समय महज 156 चालक व 154 परिचालकों पर है। स्टाफ के अभाव में बसों का संचालन करने के लिए यह चालक व परिचालक दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त आराम नहीं मिलने से भी हादसों का अंदेशा बना रहता है। साथ ही स्टाफ के अभाव में तैनात चालक व परिचालक भी अत्याधिक काम के चलते दबाव में काम करने को मजबूर हो रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से एचकेआएएम के तहत प्रदेश में 280 परिचालकों की नियुक्ति की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके तहत चरखी दादरी डिपो को 21 परिचालक मिल जाएंगे। साथ ही चालकों की कमी को भी शीघ्रता से दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
-प्रदीप अहलावत, जीएम, चरखी दादरी डिपो