चरखी दादरी। जिले के राजकीय स्कूलों में शिक्षा और सशक्तीकरण की पहल करते हुए नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत उल्लास कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। इसमें साक्षर प्रमाणपत्र और पढ़ाई से वंचित लोग शामिल हो सकते हैं। बाकायदा उन्हें शिक्षा विभाग की ओर से प्रमाणपत्र मिलेगा।
शिक्षा विभाग की ओर से 15 वर्ष और इससे अधिक आयु के व्यस्कों को साक्षरता का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से कक्षाएं शुरू की गई हैं। कुछ लोग विभिन्न कारणों से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं और साक्षर होने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे लोग इन अवसर का फायदा उठा सकते हैं। विभाग की ओर से जुलाई माह में भी ऐसे 5,251 लोगों को पंजीकृत कर उन्हें साक्षर होने मौका दिया गया था। इसके बाद उनकी परीक्षा करवाई गई और अब विभाग की ओर उनके प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य व्यस्कों को पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अब पहल में सर्वेयर कमलेश, सुशीला, वीटी पूजा शर्मा, और यशवंती ने अपने प्रयासों से ग्रामीण समुदाय को शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वीटी पूजा शर्मा और यशवंती ने महिलाओं को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया और उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
बुनियादी शिक्षा देना है मकसद
उल्लास जिला कोऑर्डिनेटर हरपाल आर्य ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल व्यस्कों को साक्षर बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसी बुनियादी शिक्षा देना है, जिससे वे अपने दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर हो सकें। यह कार्यक्रम नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पूरे भारत में चलाया जा रहा है। स्वयंसेवक शिक्षकों (वीटी) की सहायता से कक्षाओं में आधारभूत शिक्षा जैसे पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित सिखाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें उन्हें हिंदी व अंग्रेजी का अक्षर ज्ञान और संख्या, जोड़, घटा, गुणा, भाग आदि की जानकारी दी जाएगी।
नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत चरखी दादरी जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त हो इसके लिए सर्वेयर शिक्षकों और स्वयंसेवकों को निर्देश दे दिए गए हैं। कार्यक्रम की सफलता के लिए विभाग पूरी तरह से प्रयासरत है। - कृष्णा फोगाट, जिला शिक्षा अधिकारी, चरखी दादरी।