चरखी दादरी। जिले में दूषित पानी की समस्या के समाधान की मांग के लिए अधिवक्ता आगे आए हैं। समस्या के समाधान के लिए प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मानव अधिकार आयोग, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून, प्रधानमंत्री और प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव के नाम एसडीएम नवीन कुमार को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मामले में त्वरित कार्रवाई न होने पर कोर्ट की शरण लेने की चेतावनी भी दी।
ज्ञापन में बताया गया कि नहरों में रसायन युक्त और जोहड़ों में दूषित पानी डालने की समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है। इस मुद्दे को लेकर दादरी के अधिवक्ताओं ने संजीव तक्षक की अगुवाई में उपमंडल अधिकारी नागरिक को ज्ञापन दिया। अधिवक्ताओं ने शिकायत में कहा कि लोहारू फीडर और बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी दो महत्वपूर्ण नहरें हैं जो चरखी दादरी जिले में कई गांवों और दादरी शहर की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत हैं। इन नहरों का पानी जलघरों तक पहुंचता है और वहां से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई होता है।
शिकायत में बताया गया कि नहरी पानी में रसायन, जहरीली दवाओं के अंश, साबुन और अन्य दूषित पदार्थ मिल जाते हैं। यह पानी न केवल पीने के लिए बल्कि दैनिक कार्यों नहाने, कपड़े धोने और पशुओं को पानी पिलाने के लिए भी उपयोग हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप कैंसर, त्वचा रोग, दमा, और टीबी जैसी जानलेवा बीमारियां तेजी से फैल रहे हैं जो धीरे-धीरे इंसान और जीवों के लिए मौत का कारण बन रही है।
विभागों पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग और बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन विभागों ने जहरीले पानी की निकासी के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं किया है।
प्रशासन से भी की संज्ञान लेने की मांग
अधिवक्ताओं की मांग की है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करें और नहरों में जहरीला पानी डालने पर रोक लगाए। जल को शुद्ध करने और दूषित पानी की निकासी के लिए स्थायी व प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे अनेक बार प्रशासन से इस विषय के समाधान के लिए गुहार लगा चुके हैं। अगर इस बार कोई संज्ञान नहीं लिया जाता है तो वे सिविल कोर्ट में इस मामले को ले जाने काे विवश होंगे और अगर उच्च न्यायालय में भी जाना पड़ा तो उससे भी पीछे नहीं हटेंगे।
- प्रतिनिधिमंडल में ये अधिवक्ता रहे शामिल
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता कालीमरण, प्रवीण तक्षक, शीतल साहू, प्रशांत, विकास महला, रविंद्र सांगवान, अमित गांधी, सक्षम आदि शामिल रहे।