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Charkhi Dadri News: साइबर ठगों ने दो लोगों को लगाई 1.35 लाख रुपये की चपत

Sun, 02 Jun 2024 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी का साइबर पुलिस थाना।
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चरखी दादरी। साइबर ठगों ने दो व्यक्तियों को अपने झांसे में लेकर 1.35 लाख रुपये ठग लिए। इनमें एक महिला ने बिजली कर्मी की निजी जानकारी लेकर उसके खाते से 36,467 रुपये निकाल लिए और दूसरे मामले में ठग ने परिचित बनकर अपने खाते में 99,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। अब दोनों पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
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गांव कलियाणा निवासी दलबीर ने पुलिस को बताया कि वह बिजली निगम में कार्यरत है। गत 30 मार्च को एक अनजान महिला ने उसके पास फोन किया और स्वयं को आईसीआईसीआई बैंक कर्मचारी बताया। उसने पीड़ित से कहा कि आपके क्रेडिट कार्ड के रिकॉर्ड के अनुसार हम आपके कार्ड की लिमिट बढ़ाने का ऑफर दे रहे हैं। उसने कहा कि मेरे पास एचडीएफसी का कार्ड है। इसके बाद में महिला ने उसका पैन कार्ड नंबर, उसकी जन्म तिथि, माता-पिता का नाम पूछा और बिना किसी चार्ज के कार्ड की लिमिट पांच लाख तक करने के लिए कहा।
महिला ने उसके पास व्हाट्सएप पर अपना आई कार्ड और एक लिंक भेज दिया। जब उसने लिंक पर क्लिक किया तो आईआईसीआई बैंक की साइट खुली। महिला ने उसे झांसे में लेकर साइट पर क्रेडिट कार्ड नंबर व सीवीवी नंबर भरवा लिए। इससे फोन हैक हो गया और उसके उसके खाते से 36,467 रुपये निकाल लिए। थोड़ी देर बाद जब उसने फोन चेक किया, तो रुपये निकालने का मैसेज आया हुआ था। अब दो माह बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
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पांच ट्रांजेक्शन से ठग के खाते में डाल दिए 99,000
जीतपुरा निवासी राकेश ने बताया कि गत 18 मई को रात 8:30 बजे उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई और उस व्यक्ति ने स्वयं को उसका परिचित बताया। उसने कहा कि वह उसके खाते एक लाख रुपये डाल रहा है। इन्हें वह उसके बताए नंबर पर ट्रांसफर कर दे। उसने आरोपी के कहे अनुसार पांच हजार, दस हजार, 20,000, 40,000र और 24,000 करके कुल 99,000 रुपये उक्त व्यक्ति के खाते में डाल दिए। थोड़ी देर बाद आरोपी ने फिर फोन कर पैसे मांगे, लेकिन जब उसने खाते में बैलेंस चेेक किया तो आरोपी ने एक लाख रुपये नहीं डाले हुए थे। इसके बाद उसे फ्रॉड होने का पता चला और पुलिस से पैसे बरामद कराने की मांग की।


इस साल ठगी के 13 केस हो चुके दर्ज
बता दें कि इस साल जनवरी से लेकर मई तक ठगी के कुल 13 मामले दर्ज हुए हैं। केवल मई माह में ठगी के तीन मामले आए हैं। ठगों ने विभिन्न पैंतरे आजमाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।


जागरूकता अभियान के बाद भी शिकार बन रहे लोग
पुलिस टीमें विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों साइबर ठगों से बचाव की जानकारी दे रही हैं। इसके बावजूद लोग ठगों के झांसे में आकर अपनी कमाई गंवा रहे हैं। इससे शहरी क्षेत्र में तो साइबर ठगी का अपराध कम हो रहा है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी का अभाव है। इसके चलते वे लोग झांसे में आ जाते हैं।
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