मातृ-शिशु अस्पताल में लगाई गई लिफ्ट से आता युवक।
चरखी दादरी। एमसीएच (मातृ-शिशु अस्पताल) में पीडब्ल्यूडी की ओर से जनवरी में लगाई लिफ्ट अब चालू हो गई है। इससे पहले हिसार से एक टीम नवनिर्मित लिफ्ट का निरीक्षण कर इसे हरी झंडी दे चुकी है। लिफ्ट लगाने पर 11 लाख रुपये का बजट खर्च हुआ है। लिफ्ट चालू होने से प्रतिदिन 200 मरीजों समेत उनके परिजनों व स्टाफ को राहत मिलेगी।
जिले में करीब ढाई साल पहले एमसीएच का भवन तैयार किया गया था। करीब एक साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने यहां मरीजों के लिए लिफ्ट सुविधा मुहैया करवाने की योजना तैयार की थी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी से एस्टीमेट तैयार करवाकर स्वीकृति के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यालय भेजा था। सितंबर 2023 में इसकी स्वीकृति और 11 लाख का बजट मिला था। एजेंसी ने नवंबर में लिफ्ट लगाने का काम शुरू किया था और जनवरी 2024 में यह काम पूरा हो गया। इसके बाद टीम के निरीक्षण का इंतजार रहा। टीम के निरीक्षण के दौरान हरी झंडी दिखाने के बाद अब इसे शुरू कर दिया गया है। फिलहाल अस्पताल परिसर में एक लिफ्ट लगाई गई है। अगर मरीजों की संख्या के लिहाज से जरूरत महसूस हुई तो यहां एक लिफ्ट और लगाई जाएगी। दूसरा लिफ्ट के लिए जगह छोड़ी गई है।
रैंप और सीढ़ी चढ़ने का झंझट खत्म
मातृ-शिशु अस्पताल शहर के बीचोबीच स्थित है। यहां की दैनिक ओपीडी 200 के पार रहती है। अब तक यहां मरीजों के लिए लिफ्ट सुविधा नहीं थी जिसके चलते उन्हें रैंप या सीढ़ी चढ़कर पहली या दूसरी मंजिल पर जाना पड़ता है। मरीजों के लिए यह करना आसान नहीं है। मरीजों की इस समस्या को देखते हुए विभाग ने अब लिफ्ट लगवाई है।
- सिविल अस्पताल में भी खल रही कमी
करीब 1300 की दैनिक ओपीडी वाले सिविल अस्पताल में भी लिफ्ट की कमी खल रही है। नए भवन की पहली मंजिल तक रैंप और सीढ़ी के जरिये मरीजों को पहुंचना पड़ रहा है। ऑपरेशन थिएटर समेत सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के कार्यालय भी यहां पहली मंजिल पर ही हैं। ऐसे में यहां भी लिफ्ट की दरकार है।
मातृ-शिशु अस्पताल में पीडब्ल्यूडी की ओर से लगवाई गई लिफ्ट चालू कर दी गई है। अब मरीजों को सीढ़ी या रैंप नहीं चढ़ना पड़ेगा। जरूरत अनुसार लिफ्ट सेवा में विस्तार भी संभव है। - डॉ. गौरव भारद्वाज, डिप्टी सीएमओ।