चरखी दादरी। डिपो में नवंबर के अंत तक दो और बसें कंडम हो जाएंगी। इसके बाद डिपो के बेड़े में बस संख्या 101 रह जाएगी। फिलहाल, डिपो को करीब 200 बसों की जरूरत है। दो बसें कंडम होने से व्यवस्था प्रभावित होगी। अधिकारी वैकल्पिक व्यवस्था कर काम चलाएंगे, लेकिन, इसका असर दूसरे रूट की सेवा पर पड़ेगा।
डिपो के पास 103 बसें हैं। इनके अलावा 15 बसें किलोमीटर योजना के तहत चलाई जा रही हैं। वहीं, तीन रूटों पर रोडवेज के साथ निजी बसें चलाई जा रही हैं। अप्रैल से सितंबर तक डिपो की पांच बसें कंडम हुई हैं। इनमें से अप्रैल में तीन और जुलाई में 2 बसें कंडम घोषित हुई थीं।
अब डिपो की दो और बसें स्क्रेप जोन में चली जाएंगी। इनके जाने से सभी रूटों पर परिवहन सेवा प्रभावित होगी। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। साथ ही डिपो के अधिकारियों की ओर से बसों की वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।
दरअसल, अब दादरी डिपो में बसों की कमी महसूस होने लगी है। अगर विभाग की ओर से 100 और बसें दी जाएं तो यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। फिलहाल, यात्री बसों के पायदान व खिड़कियों में खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं। अगर पर्याप्त बसें मिलें तो यात्रियों को सुगम यात्रा का लाभ दिया जा सकेगा।
वहीं, जीएम नवीन शर्मा का कहना है कि लोकल रूटों दो बसें नवंबर के अंत में डिपो के बेड़े से बाहर होंगी और वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- प्रतिदिन 30,000 यात्री करते हैं सफर
दादरी डिपो की बसों में प्रतिदिन करीब 30,000 यात्री सफर करते हैं। वहीं, विभाग को प्रतिदिन करीब दस लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त होता है। राजस्व बढ़ाने और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए डिपो के बेड़े से बसों की कमी दूर करनी जरूरी है।