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दो सीएम कर चुके घोषणा, फिर भी श्यामसर तालाब को नहीं मिला पर्यटन स्थल का लुक

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शहर का ऐतिहासिक श्यामसर तालाब। - फोटो : CharkhiDadri
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किसी समय लोगों की आस्था का केंद्र रहा शहर का ऐतिहासिक श्यामसर तालाब पिछले कई दशकों से बदहाल पड़ा है। अगर पिछले साढ़े पांच सालों की बात करें तो दो सीएम तालाब का कायाकल्प कराने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है। कांग्रेस सरकार के समय भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने और भाजपा सरकार के समय मनोहरलाल ने तालाब को पर्यटन स्थल का लुक देने की घोषणा की थी। ये अलग बात है कि दोनों ही सीएम की घोषणाएं परवान नहीं चढ़ पाईं।
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2014 विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अनाज मंडी में जनसभा को संबोधित करते समय लोगों की मांग पर ऐतिहासिक श्यामसर तालाब का कायाकल्प कराने की घोषणा की थी। उन्होंने इस कार्य पर दो करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया था। इसके बाद आचार संहिता लग गई और तालाब के जीर्णोद्घार की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई। 2014 चुनाव के बाद कांग्रेस सरकार जाते ही भूपेंद्र हुड्डा की यह घोषणा अधर में लटकी गई।
इसके बाद सीएम बनने के बाद मनोहरलाल 18 सितंबर 2016 को नई अनाज मंडी में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे। इस रैली में उन्होंने श्यामसर तालाब का कायाकल्प कराने की घोषणा की। पहले नगर परिषद ने करीब सात करोड़ रुपये से तालाब का कायाकल्प कराने का प्रपोजल तैयार किया। लेकिन इसी बीच सरकार की तरफ से आदेश मिले कि तालाब को पर्यटन स्थल का लुक दिया जाए। इसके बाद नगर परिषद ने दोबारा प्रपोजल तैयार कर सरकार के पाले में भेजा। इस बार नगर परिषद ने गुरुग्राम के एक आर्किटेक्ट से ड्राइंग और एस्टिमेट तैयार करवाया। भाजपा सरकार ने करीब 27 करोड़ रुपये का बजट इसके लिए स्वीकृत किया था। मनोहर लाल की घोषणा को परवान चढ़ाने के लिए धरातल पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है।
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नगर परिषद के एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि प्रोजेक्ट की फाइल हमने सरकार के पास भेज दी थी, लेकिन वहां से अप्रूवल नहीं मिली। फाइल को अप्रूवल मिलने के बाद ही हम काम शुरू करवा सकेंगे।
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