चरखी दादरी। लू के थपेड़ों व बढ़ते तापमान के कारण पावर सब स्टेशनों में लगे पावर ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ गया है जिससे वे हांफने लगे हैं। बिजली की खपत 1,66,080 से बढ़कर 2,13,840 यूनिट पहुंच गई है। रात 10 से सुबह तीन बजे तक पावर सब स्टेशन ओवरलोड बने रहते हैं। लोड बढ़ने पर पावर ट्रांसफार्मर जल न जाए। इसलिए बीच में पावर कट लगाने पड़ते हैं। कर्मचारियों को 24 घंटे पावर ट्रांसफार्मरों की निगरानी रखनी पड़ रही है ताकि जल न जाए। कर्मचारी सतर्क कर दिए गए हैं। अधिकारी भी आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। भीषण गर्मी में लोग बिजली व पानी सबसे ज्यादा जरूरत मान रहे हैं।
ओवरलोड चल रहे फीडर
भीषण गर्मी में लोड बढ़ने पर फ्रिक्वेंसी कम होने से कम वोल्टेज की समस्या बन रही है। हालांकि सीजन से पहले मेंटिनेंस कर दिए जाने पर लाइनों में फॉल्ट कम आ रहे हैं। निगम हर घंटे लोड की जांच कर रहा है। नगर में बिजली की खपत प्रति 2,13,840 यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच गई है। शहर में गर्मी सीजन को देखते हुए बिजली निगम ने फीडरों की मेंटिनेंस का काम समय से पहले ही पूरा कर लिया था। अब बिजली की खपत बढ़ने पर फॉल्ट तो कम आ रहे हैं। शहर में 15 फीडर हैं। रात के समय कम वोल्टेज की समस्या बनी रहती है।
सरकारी कार्यालयों में बढ़ी खपत
शहर में मुख्य दो पावर सब स्टेशन हैं जिनके जरिए शहर में बिजली आपूर्ति की जाती है। रेलवे रोड व चरखी दादरी पावर सब स्टेशन से शहर में बिजली आपूर्ति होती है। रेलवे रोड पावर सब स्टेशन की क्षमता 32 एमवीए है। इसी प्रकार चरखी पावर सब स्टेशन की क्षमता 200 केवीए है। शहर में करीब 20 हजार बिजली उपभोक्ता है। जिला बन जाने के बाद बिजली की खपत ज्यादा बढ़ी है। सरकारी कार्यालयों में भी खपत बढ़ रही है।
नई लगाई गई थी केबल
गर्मी सीजन से पहले नई केबल व कंडक्टर भी लगाए गए थे ताकि बार-बार तार टूटने न पाए। कई बार आंधी की वजह से फॉल्ट ज्यादा आते हैं। बिजली आपूर्ति ठप हो जाने पर पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो जाती है। पानी का भी संकट गहरा जाता है।
बिजली की खपत एक नजर में
तिथि यूनिट प्रतिदिन
11 मई 1,80,600
12 मई 1,91,520
13 मई 1,94,520
14 मई 1,84,560
15 मई 1,85,520
16 मई 1,70,400
17 मई 1,66,080
18 मई 2,13,840
वर्सन
लाइनों में फॉल्ट नहीं आ रहे हैं। बिजली कर्मचारी 24 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लोड की हर घंटे जांच की जा रही है। पावर कट नहीं लगाए जा रहे हैं। खपत काफी बढ़ गई है। - एसएसई विवेक कुमार, बिजली निगम