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अब शहर में ट्रैफिक लाइट के इशारों पर चलेंगे वाहन

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चरखी दादरी। महानगरों और अन्य शहरों की तर्ज पर अब दादरी की सड़कों पर भी वाहन ट्रैफिक लाइट के इशारों पर दौड़ेंगे। इसका प्रारूप नगर परिषद अधिकारी तैयार कर चुके हैं। इस योजना को निदेशालय भी हरी झंडी दे चुका है। अब इसके लिए फाइनल एस्टिमेट और टेंडर प्रक्रिया होनी बाकी है जो जल्द होने की उम्मीद है। अब तक शहर के किसी भी चौराहा पर ट्रैफिक लाइट नहीं है।
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दादरी शहर की अगर बात करें तो जिला मुख्यालय की तर्ज पर अनिवार्य कई सुविधाएं यहां नहीं हैं। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए लगाई जाने वाली ट्रैफिक लाइट इनमें से एक है। इस कमी को दूर करने की योजना नगर परिषद अधिकारी तैयार कर चुके हैं। इसका प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। यह मुद्दा सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लगातार उठा और इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने नगर परिषद को योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे।
पांच चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाने के साथ सभी कट पर ब्लिंकर भी लगाए जाएंगे, ताकि वाहन चालकों को यू-टर्न का पता चल सके और सड़कों पर हादसे भी न हो। कट की संख्या का पता फाइनल एस्टिमेट तय करने वाली एजेंसी लगाएगी। एजेंसी की ओर से ब्लिंकर संख्या का एस्टिमेट मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर प्रशासनिक स्वीकृति नगर परिषद को मिल चुकी है।
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ट्रैफिक लाइट लगने से वाहन न केवल व्यवस्थित ढंग से चलेंगे, बल्कि इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी। शहर की अंदरूनी सड़कों पर कई हादसे हो चुके हैं जिनमें घायल होने के साथ वाहन चालकों की मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि ज्यादातर बड़े हादसे रात के समय हुए है।
इन चौराहों पर लगेंगी लाइटें
नगर परिषद ने जो योजना तैयार की है उसमें शहर के सभी बाहरी एंट्री प्वाइंट्स को कवर किया गया है। योजना के अनुसार रावलधी चौक, समसपुर चौक, लोहारू चौक और चिड़िया मोड़ समेत शहर के मध्य में स्थित परशुराम चौक पर ट्रैफिक लाइट लगाने की योजना है।
30 हजार से अधिक वाहन दौड़ते हैं सड़कों पर
दादरी शहर की अंदरूनी सड़कों पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों का दबाव अधिक है। बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, रोहतक रोड व लोहारू रोड से प्रतिदिन हजारों वाहन चालक गुजरते हैं। वहीं, शहर के बाहरी क्षेत्र की सड़कों की बात करें तो मालवाहक और भारी वाहन का दबाव ज्यादा है। शहर की अंदरूनी और बाहरी सड़कों से प्रतिदिन तीस हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं।
एक करोड़ लागत आने का अनुमान
शहर में ट्रैफिक लाइट और ब्लिंकर लगाने पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने से लाइटें लगने का रास्ता साफ है। हालांकि वास्तविक लागत राशि का पता फाइनल एस्टिमेट तैयार होने के बाद ही चल पाएगा।
पुलिस को की जाएंगी हैंडओवर
नप अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया के जरिये शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगवाई जाएंगी। ये लाइटें लगाने के बाद पुलिस विभाग को हैंडओवर की जाएगी। पुलिस विभाग की ओर से इन लाइट को संचालित किया जाएगा।
जल्द ही शहर में ट्रैफिक लाइटें लगवा दी जाएंगी। इससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होगा। जल्द ही इसके लिए प्रक्रिया पर काम शुरू किया जाएगा।
बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद
शहर में ट्रैफिक लाइट और ब्लिंकर लगवाने के लिए निदेशालय से हमें प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। एजेंसी की मार्फत फाइनल एस्टीमेट तैयार करवाया जाएगा। जल्द ही इस योजना को हम सिरे चढ़ा लेंगे।
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सौहार्द शर्मा, जेई, नगर परिषद
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