संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए फरवरी 2025 में नगर परिषद की ओर से 70 लाख रुपये खर्च कर शहर में और पांच प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगवाई गई थीं। साथ ही, इन स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने के निर्देश भी जारी किए गए थे। ताकि पैदल राहगीरों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।
इन सभी जगहों पर ट्रैफिक लाइट तो लगा दी गई लेकिन तीन जगहों पर वाहन चालकों के रुकने और पैदल लोगों के सड़क पार करने के लिए जेब्रा क्रॉसिंग नहीं बनाई। इस कारण लाल बत्ती होने की दशा में वाहन चालक को पता नहीं चल पाता कि वह अपना वाहन कहां पर रोके।
ऐसे में कई बार वे अपने वाहन को आगे तक ले आते हैं। इस कारण उनके चालान होने की आशंका बनी रहती है। शहर में दो जगह चिड़िया मोड़ और नागरिक अस्पताल के पास बने ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक लाइट लगाई गई हैं। इसके अलावा, रावलधी बाईपास पर लगी ट्रैफिक लाइट के पास जेब्रा क्रॉसिंग नहीं बनाई गई है।
इन तीनों जगहों से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन चालकों का आवागमन होता है। इसके अलावा, ढाणी फाटक ओवरब्रिज पार कर समसपुर टी पॉइंट चौक और रावलधी-भिवानी लिंक मार्ग पर पर ट्रैफिक लाइट लगाई गई हैं। वहां पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाई गई हैं।
रावलधी चौक पर लगी ट्रैफिक लाइट कुछ दिन पहले चलने के बाद ही खराब हो गई थी। वहीं, लोहारू चौक पर लगी लाइट एक ही जगह पर रुकी हुई है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों ने बंद पड़ीं ट्रैफिक लाइटों को चालू करवाने और जेब्रा क्राॅसिंग बनवाने की मांग की है।
शहर के चिड़िया रोड पर ट्रैफिक लाइट लगवाने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन दिन में जेब्रा क्रॉसिंग बनवाने की बात कही गई थी। इस सड़क से नारनौल, महेंद्रगढ़, कनीना, दिल्ली की ओर जाने वाले प्रतिदिन पांच हजार से अधिक वाहन चालकों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क के बीच जेब्रा क्रॉसिग नहीं होने से बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।