चरखी दादरी। जिला उपायुक्त प्रीति ने सोमवार को निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिला स्तरीय संचालन कमेटी की बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों की पढ़ाई को उन्नत बनाने के लिए प्रदेश सरकार के शिक्षा निदेशालय ने नई शिक्षा नीति के तहत निपुण हरियाणा मिशन शुरू किया है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग की टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि देशभर में पांच जुलाई 2021 को लागू होने के बाद 30 जुलाई 2021 को हरियाणा प्रदेश में निपुण अभियान की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य है छोटे बच्चों को स्कूल में प्राथमिक शिक्षा का बेहतर ज्ञान मिले और वे किताबों को अच्छी तरह से समझ सकें। उनको गणित के पहाड़े, जोड़-घटा, भाग, गुणा, हिंदी-अंग्रेजी के सामान्य शब्दों का ज्ञान, स्कूल ड्रेस को अच्छी तरह से पहनना, अपने शरीर की सफाई रखने आदि सलीकों को सिखाया जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत शुरू किए गए इस शिक्षापरक कार्यक्रम में तीन से छह साल तक के बच्चों की बाल वाटिका लगाई जाएंगी। इस वाटिका में कक्षा प्रथम, द्वितीय और तृतीय के बच्चे भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक एफएलएन सर्वे किया गया था, जिसमें प्रदेश को लगातार दूसरी बार दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
582 शिक्षकों और 48 एबीआरसी व बीआरपी को दिए गए टैबलेट
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नवीन नारा ने बताया कि निपुण मिशन को कामयाब बनाने के लिए 584 शिक्षकों और 48 एबीआरसी व बीआरपी को टैबलेट प्रदान किए गए हैं। जिला के 143 स्कूलों में एफएलएक्स सेटअप बॉक्स लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों को शिक्षित किया जाएगा। सभी प्राथमिक शिक्षकों को बच्चों के साथ रोजाना बातचीत कर उनको व्यवहारिक शिक्षा देने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में एडीसी अनुराग ढालिया, नगराधीश रेणुका, जिला परिषद के चेयरमैन मंदीप डालावास, नगर परिषद चेयरमैन बक्शीराम सैनी, जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट, महिला एवं बाल विकास अधिकारी गीता सहारण, डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता व कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।