चरखी दादरी। समय पर पाठ्यक्रम पूरा हो इसके लिए राजकीय स्कूलों में शिक्षकों को दैनिक पाठ योजना तैयार कर विद्यार्थियों को पढ़ाना होगा ताकि पाठ्यक्रम सुचारु रूप से हो सके और कोई पाठ योजना छूटने नहीं पाए। जैसे ही एक जुलाई को स्कूल खुलते हैं विभाग अधिकारी निरीक्षण करेंगे कि स्कूलों में शिक्षक पाठ योजना तैयार कर रहे हैं या नहीं। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार पाठ योजना तैयार करके शिक्षण करवाना सबसे बेहतर तरीका है। अब तक 60 प्रतिशत शिक्षक ही ई-अधिगम हो सके हैं। विभाग अधिकारी प्रतिदिन डायरी लेखन की भी जांच करेंगे।
शिक्षा में गुणवत्ता में सुधार के लिए विभाग की ओर से इस दिशा में काम किया जा रहा है। बुनियादी साक्षरता,भाषा एवं संख्या ज्ञान पर ज्यादा बल दिया जा रहा है। जिला में 368 राजकीय प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं जिनमें 31 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 10351 छात्रों को टैब भी दे रखे हैं ताकि ई-अधिगम को बढ़ावा दिया जा सके। जिला में करीब 2800 शिक्षक कार्यरत हैं।
शिक्षा विभाग अधिकारियों की ओर से समय-समय पर स्कूलों की मेगा मॉनीटरिंग भी की जाती है। गत वर्ष सर्दियों में मेगा मॉनिटरिंग में दादरी ब्लॉक से 30, बौंदकलां ब्लॉक से 38 और बाढड़ा ब्लॉक से करीब 35 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का निरीक्षण किया गया था। अब विभाग अधिकारियों की ओर से स्कूल खुलते ही ई-अधिगम शिक्षण, स्मार्ट कक्षा शिक्षण, शिक्षक डायरी लेखन कार्य, कक्षा में छात्र उपस्थिति, शिक्षक उपस्थिति, स्कूल भवन, चहारदीवारी, शिक्षण सहायक सामग्री आदि का निरीक्षण किया जाएगा।
इन बिंदुओं पर जांच करेंगे अधिकारी
शिक्षक हाजिरी, स्कूल में कक्षा-कक्षा संख्या, पेयजल सुविधा, खेल मैदान, बिजली व्यवस्था, आईसीटी सुविधा, स्कूल भवन मरम्मत ग्रांट, लाइब्रेरी पुस्तक संख्या व रखरखाव, साइंस लैबोरेट्री, फिजिक्स, केमिस्ट्री, गणित, बॉयोलोजी लैब, सोलर सिस्टम, जेनरेटर सुविधा, हेडमास्टर की कक्षाओं में प्रतिदिन की विजिट की भी मॉनीटरिंग की जाएगी। एक सप्ताह में हेडमास्टर ने कितनी बार कक्षाएं पढ़ाई, हेडमास्टर या प्राचार्य पूरे सत्र के दौरान स्कूल में कितने दिन हाजिर रहे हैं। कितने छात्रों को सिम कार्ड जारी कर रखा है, एबीआरसी व बीआरपी ने कितनी बार स्कूल का दौरा किया आदि बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा। जिला में अब तक 60 प्रतिशत शिक्षक व 46 प्रतिशत विद्यार्थी ही ई-अधिगम हुए हैं।
स्कूल खुलते ही निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान पाठ योजना पर ज्यादा बल दिया जाएगा। शिक्षक दैनिक पाठ योजना तैयार कर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। प्रतिदिन डायरी लेखन का कार्य करना होगा। होमवर्क की बारीकी से जांच करनी होगी।
-कृष्णा फौगाट, डीईओ, शिक्षा विभाग