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जिले में प्रवेश करने के बाद पांच टुकड़ों में बंटा टिड्डी दल, दवा का छिड़काव कर 60 फीसदी टिड्डियां मारने का दावा

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रात में टिड्डियों पर फायर ब्रिगेड गाड़ियों से स्प्रे करते कर्मी । - फोटो : CharkhiDadri
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जिले में शनिवार रात प्रवेश करने के बाद टिड्डी दल पांच टुकड़ों में बंट गया। दल में शामिल करोड़ों टिड्डियां जिले के करीब पंद्रह गांवों से होकर गुजरी। टिड्डी दल आने की पहले से सूचना मिलने के चलते सतर्क जिला प्रशासन की टीमें रात को ही इन गांवों में पहुंच गईं और स्प्रे कर टिड्डियों का मारा गया। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि 60 प्रतिशत टिड्डियों को मारा गया है और जिले में पांच से दस फीसदी ही नुकसान है।
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टिड्डी दल का दादरी जिले में शनिवार रात दूसरी बार प्रवेश हुआ। करीब दस दिन पहले भी टिड्डी दल राजस्थान की ओर से जिले में प्रवेश कर गया था लेकिन उस समय रुके बिना ही जिले को पार कर गया। शनिवार रात को बाढड़ा क्षेत्र से होता हुआ टिड्डी दल बौंदकलां क्षेत्र में भी पहुंचा। डीसी शिवप्रसाद शर्मा ने शनिवार रात ही कृषि विभाग के अधिकारियों को गांवों में पहुंचकर दवाओं का छिड़काव कराने के आदेश दे दिए और रात को ही टीमें गांवों की ओर कूच कर गई।
जिला दमकल विभाग के पास तीन ही गाड़ियां होने के चलते दो गाड़ियां रोहतक से मंगवाई गईं। रातभर इन पांच गाड़ियों ने दस चक्कर लगाए। रात पौने दस बजे दमकल विभाग कार्यालय से पहली गाड़ी रवाना हुई थी और अलसुबह चार बजे तक यह सिलसिला चलता रहा। रविवार को कृषि मंत्री जेपी दलाल ने डीसी शिवप्रसाद शर्मा के साथ टिड्डियों के दल से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया।
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इन गांवों में रात को पहुंची दमकल विभाग की गाड़ियां
टिड्डी दल रामबास, कोहलवास, अटेला, लांबा, गोकल, जावा, बीजणा, गुडाना, रानीला, सौंप, मिसरी, हिंडोल और सांवड़ समेत 14 गांवों से होकर गुजरा। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने इन सभी गांवों को कवर किया। एक गाड़ी की स्टोरेज क्षमता 15 हजार जबकि बाकी दो की आठ और साढ़े सात हजार लीटर है।
फसलों के अलावा पेड़ों पर बैठीं टिड्डियां
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फसलों में टिड्डियों के चलते ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। समय रहते किसानों और विभागीय टीमों ने टिड्डियों को शोर कर भगा दिया। कुछ किसानों की फसलों में ही ज्यादा नुकसान हुआ है जबकि सामान्यत: पांच से दस प्रतिशत खराबे का अंदेशा है।
- प्रशासन के पास 1700 लीटर दवा का स्टॉक
टिड्डी दल से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए डीसी शिवप्रसाद शर्मा ने कहा कि टिड्डियों को भगाने के लिए स्प्रे जिले में किया गया और यह कारगर साबित हुआ। उन्होंने बताया कि जिले में 1700 लीटर दवा का स्टॉक मौजूद है और प्रशासन पूर्णतया सतर्क है।
जायजा लेने सांवड़ पहुंचे कृषि मंत्री
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने रविवार को डीसी शिवप्रसाद शर्मा के साथ टिड्डी दल से प्रभावित गांवों का जायजा लिया। इस दौरान कृषि मंत्री गांव सांवड़ भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान देखने को मिला है कि टिड्डियां ज्यादातर पेड़ों पर ही बैठीं।
इन फसलों को पहुंचा नुकसान
जिले में इस समय ग्वार, कपास और ज्वार की किसानों ने बिजाई क रखी है। टिड्डी दल से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा है। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार अटेला निवासी एक किसान की फसल को टिड्डी दल ने ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री ने खराबे की रिपोर्ट मांगी है। प्रदेश के जिन जिलों में ज्यादा नुकसान है वहां स्पेशल गिरदावरी करवाई जाएगी। दादरी क्षेत्र में किसानों और प्रशासन की सतर्कता के चलते काफी बचाव हो गया।
जेपी दलाल, कृषि मंत्री
पहले से सूचना आने के चलते प्रशासन पूर्णतया अलर्ट था। दवा का स्टॉक भी पर्याप्त है और शनिवार रात ही टीमें टिड्डियों को भगाने के लिए फिल्ड में उतर गई थीं।
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शिवप्रसाद शर्मा, डीसी, चरखी दादरी।

फसल पर बैठीं टिड्डियां।- फोटो : CharkhiDadri

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