पांच दिन पहले लांबा गांव के अड्डे पर हुई बुजुर्ग रिसाल सिंह की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हत्या तीन लोगों ने मिलकर की थी और उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी गांव लांबा के रहने वाले हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने डेढ़ साल पहले शराब ठेके पर हुई सेल्समैन की हत्या की वारदात भी कुबूल कर ली है। सेल्समैन सतपाल की हत्या भी गला रेत कर की गई थी। डीएसपी बली सिंह ने प्रेसवार्ता में दोनों वारदात ट्रेस होने का खुलासा किया है। तीनों आरोपी नशेड़ी किस्म के हैं और दोनों हत्याएं उन्होंने रुपयों के लालच में की थीं।
डीएसपी बली सिंह ने बताया कि गत 12 सितंबर की रात लांबा अड्डे पर चाय का खोखा चलाने वाले रिसाल सिंह (72) की लगा रेत कर हत्या की गई थी। 13 सितंबर की सुबह रिसाल का शव उसके खोखे के बाहर मिला था। हत्या की सूचना मिलते ही बौंदकलां थाना प्रभारी एसआई कप्तान सिंह, डीएसपी बली सिंह, डीएसपी जोगेंद्र और एसपी बलवान सिंह राणा मौके पर पहुंचे थे। इस संबंध में मृतक के बेटे ओमबीर ने दो लोगों पर हत्या का शक जाहिर किया था, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था।
डीएसपी ने बताया कि हत्यारोपियों को बौंदकलां थाना प्रभारी कप्तान सिंह की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गांव के अड्डे के समीप बाजरे के खेत से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कुबूला कि 19 मार्च 2019 में उन्होंने लांबा गांव के अड्डे पर शराब ठेके के सेल्समैन की भी गला रेत कर हत्या की थी। डीएसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों का कोरोना टेस्ट का सैंपल लिया है और उन्हें क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा और वारदात में प्रयुक्त हथियार भी उनसे बरामद किया जाएगा।
पहले भी रिसाल सिंह से हो चुका था आरोपियों का विवाद
डीएसपी ने बताया कि आरोपी परविंद्र, प्रीतम और धर्मेंद्र नशेड़ी किस्म के हैं। रुपयों के लिए रिसाल सिंह से उनकी पहले भी कहासुनी हो चुकी है। रिसाल सिंह उन्हें उधार सामान नहीं देता था। 12 सितंबर की रात रिसाल सिंह को खोखे पर अकेला देखकर आरोपियों ने रिसाल सिंह की हत्या कर दी। बौंदकलां थाना प्रभारी कप्तान सिंह ने बताया कि पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी गांव में दोबारा आ गए हैं और वे अड्डे के समीप बाजरे के खेत में छिपे हैं। पुलिस ने दबिश देकर तीनों को काबू कर लिया।
पहले की हत्या, फिर दुकान से निकाला सामान
रिसाल सिंह की हत्या करने के बाद आरोपियों ने खोखे की चाबी ढूंढी। फिर उन्होंने खोखा खोलकर गल्ले से करीब 2200 की नकदी, नमकीन और बीड़ी-सिगरेट के पैकेट भी निकाल लिए। गल्ले से रुपये चोरी होने की बात मृतक के बेटे ओमबीर ने भी पुलिस को बताई थी।
15 माह बाद ट्रेस हुई सतपाल की हत्या की वारदात
डीएसपी बली सिंह ने बताया कि 19 मार्च 2019 को शराब ठेके के कारिंदे सतपाल की भी गला रेत कर हत्या की गई थी। यह मामला अनट्रेस था और रिसाल सिंह हत्याकांड के बाद एसपी ने सतपाल मर्डर की फाइल भी दोबारा खोलने के आदेश दिए थे।
आपराधिक प्रवृत्ति के होते हैं ऐसे आरोपी : मनोविशेषज्ञ
मनोविशेषज्ञ सतबीर सिंह ने बताया कि इस तरह के जघन्य अपराध को अपराधी प्रवृत्ति वाला व्यक्ति ही अंजाम दे सकता है। उनकी परपीड़ा प्रवृत्ति (दूसरों को कष्ट देकर खुद संतुष्ट होना) होती है। ऐसे लोग समाज के लिए खतरा होते हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए इस तरह के व्यक्ति किसी भी हद तक जा सकते हैं।
तीनों आरोपी नशे के आदी हैं और नशे के लिए रुपये जुटाने के लालच में उन्होंने दोनों हत्याएं की हैं। आरोपियों से अभी पूछताछ जारी है।
- बली सिंह, डीएसपी, बौंदकलां