दो आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार, बेरोजगार युवकों को बनाते थे निशाना
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। राजस्थान निवासी युवकों से सेना में भर्ती करवाने के नाम पर पैसे ऐंठने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान यूपी के गाजियाबाद निवासी शिव मोहन के रूप में हुई है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में राजस्थान के भालोट निवासी अमन ने बताया कि वह गांव मानकावास में मशीनों की देखभाल का काम करता है। उसकी गांव समसपुर निवासी नीरज से पहचान थी। दो जुलाई 2021 को वह नीरज के पास गया था। नीरज ने बताया कि उसकी सुनील, गुरजीत कौर उर्फ गगन, मिश्रा, गुरदीप से जानकारी है। ये रुपये लेकर सरकारी नौकरी दिलवाने का काम करते हैं।
कुछ दिन बाद नीरज ने बताया कि आर्मी कैंट दानापुर, पटना बिहार में सेना और मेस की भर्ती चल रही है। सुनील छह लाख रुपये में आर्मी में जनरल ड्यूटी सिपाही व क्लर्क भर्ती करवा सकता है। मेंस में आठ लाख रुपये में स्टोरकीपर या क्लर्क भर्ती करवा सकता है। इसमें दो लाख रुपये शुरुआत में, 1.5 लाख रुपये मेरिट सूची जारी होने व बाकी 2.5 लाख रुपये नियुक्ति पत्र जारी होने पर देने होंगे।
अमन उसके झांसे में आ गया और जुलाई 2021 को दो लाख रुपये नीरज के खाते में भेज दिए। बाद में अमन और नीरज दोनों दानापुर बिहार में गए। वहां कैंट में दो व्यक्तियों ने उनके फार्म भरे और मेडिकल परीक्षण किया। बाद में सुनील ने नीरज के फोन पर एक मेरिट सूची भेजी। सूची लगते ही 1.5 लाख रुपये नीरज को दे दिए गए।
इसके 15 दिन बाद डाक से नियुक्ति प्राप्त मिला। उसमें दानापुर सेना कैंट में जीडी पद पर ट्रेनिंग की जानकारी अंकित थी। इस पर कमांडेंट दानापुर की मुहर लगी थी। जब अमन ने अपने परिचितों से पूछा तो नियुक्ति पत्र फर्जी मिला। गत छह नवंबर को साइबर अपराध थाना एसआई विशाल की टीम ने इस मामले के एक आरोपी पटना निवासी सुनील कुमार व दूसरी आरोपी महिला गुरजीत कौर को गिरफ्तार किया था। अब टीम ने तीसरे आरोपी शिवमोहन को काबू किया है। पुलिस रिमांड अवधि में आरोपी से गिरोह की पूरी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है।