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Charkhi Dadri News: स्कूल में खल रही गुरुजी की कमी, एकसाथ तीन कक्षा पढ़ाने की व्यवस्था बनी

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शिक्षिका एक, कक्षाएं तीन... गांव रावलधी स्थित हाई स्कूल में तीन कक्षाओं को एक साथ पढ़ाती अध्याप
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चरखी दादरी। शहर से सटे रावलधी गांव के राजकीय स्कूल में गुरुजी के 50 फीसदी पद खाली पड़े हैं। इसके चलते कक्षा छठी से 10वीं तक के 130 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आलम ये है कि मौजूदा शिक्षकों से काम चलाने के लिए जो व्यवस्था बनी है, वो कारगर नहीं है। इस समय एक शिक्षक के एकसाथ तीन कक्षाओं को पढ़ाने की व्यवस्था यहां की हुई है।
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बता दें कि गांव रावलधी स्थित राजकीय हाई स्कूल में छठीं से 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों के 10 पद सृजित हैं। इस समय यहां पांच ही शिक्षक तैनात हैं। 50 प्रतिशत अध्यापकों की कमी विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। कई अहम विषय ऐसे हैं जिनके शिक्षक नहीं हैं और दूसरे विषय के शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। स्कूल में छठीं से 12वीं तक विद्यार्थियों की संख्या 130 है।
दरअसल, वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर एक शिक्षक अनुशासन कायम रखने और विद्यार्थियों को किताबों से जोड़े रखने के लिए एकसाथ तीन कक्षाएं पढ़ रहे हैं। जबकि तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए एक समय पढ़ाई संभव नहीं है। ऐसे में विभाग को जल्द से जल्द यहां शिक्षकाें की कमी दूर करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। वहीं, ग्राम पंचायत ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूल में स्टाफ के रिक्त पद भरने की मांग की है ताकि बोर्ड कक्षाओं के परिणाम पर शिक्षकों की कमी का असर न पड़े।
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- शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित : सरपंच अनीता
सरपंच अनीता देवी ने बताया कि गांव के राजकीय स्कूल में गरीब तबके के बच्चे आते हैं। शिक्षकों के पद खाली होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 50 फीसदी शिक्षक ही स्कूल में तैनात हैं और लंबा समय बीतने के बाद भी खाली पदों को विभाग की ओर से नहीं भरा गया है।

- स्कूल में इन अध्यापकों की बनी है कमी
स्कूल में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, गणित व मुख्य अध्यापक की कमी बनी हुई है। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना लाजिमी है। बच्चों को पूरा अक्षर ज्ञान नहीं मिलने से उनके बोर्ड परिणामों पर भी असर पड़ सकता है।
जानिये...किस कक्षा में हैं कितने विद्यार्थी
कक्षा - छात्र संख्या
छठी - 23
सातवीं - 24
आठवीं - 20
नौवीं - 29
दसवीं - 34

- अभिभावक बोले : जल्द तैनाती नहीं हुई तो शुरू करेंगे आंदोलन
बच्चों के अभिभावक सुरेंद्र सिंह, राजकुमार, सोनू, हरेंद्र सिंह, विजय कुमार, बिजेंद्र सिंह व मनीष कुमार ने बताया कि अगर समय रहते जिला शिक्षा अधिकारी ने स्टाफ पूरा नहीं किया गया तो वो आंदोलन शुरू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।


सरकार की ओर से राज्य में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। तब तक वैकल्पिक व्यवस्था करके काम चलाया जा रहा है। जल्द ही शिक्षकों की कमी को दूर कर लिया जाएगा। विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। शिक्षा विभाग इसे लेकर बेहद गंभीर है।
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-राजबाला फौगाट, बीईओ, बौंदकलां खंड

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