चरखी-दादरी के लघु सचिवालय स्थित अधिवक्ता चैंबर भवन में लिफ्ट सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। इससे बुजुर्ग अधिवक्ता व मुव्वकिलों को दो मंजिल चढ़ने में परेशानी होती है। अब अधिवक्ताओं ने प्रशासन से लिफ्ट लगवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि भवन निर्माण के समय लिफ्ट लगाने के लिए जगह छोड़ी गई थी। लेकिन चैंबर बनने से लेकर अब तक यहां लिफ्ट नहीं लगी है। अब चैंबरों में बुजुर्ग अधिवक्ता भी हैं और भवन दो मंजिला होने के कारण उन्हें सीढियों से ही चढ़ना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी होती है। दूसरी ओर उनके बुजुर्ग व दिव्यांग मुव्वकिल भी सीढियों से चढ़ने में असमर्थ रहते हैं।
लिफ्ट की कहानी अधिवक्ताओं की जुबानी...
- बार-बार सीढियां चढ़ने से पैरों में दर्द होता है और अधिक फाइलें लेकर सीढियों से उतरने में भी मुश्किल होती है।
-ओमप्रकाश भगत, अधिवक्ता
- लिफ्ट न होने से बुजुर्ग मुव्वकिलों को नीचे ही इंतजार करना पड़ता है। अगर लिफ्ट हो तो उन्हें ऊपर चढ़ने में आसानी हो जाएगी। -अर्पित सांगवान, अधिवक्ता
- अगर लिफ्ट हो तो अधिवक्ताओं को आसानी हो सकती है। सीढियों पर कई बार बंदर बैठ जाते हैं तो रास्ता भी अवरुद्ध होता जाता है। -गिरेंद्र फोगाट, अधिवक्ता
- चैंबर की कमी होने के कारण दो से तीन अधिवक्ता अपनी फाइलें एक ही चैंबर में रखते हैं। एक साथ 15 फाइलें दूसरी मंजिल तक ले जाने में दिक्कत होती है। -अनिल राणा, अधिवक्ता
- प्रशासन से दो बार मांग की गई है, अब प्रशासन को इस पर संज्ञान लेकर अधिवक्ताओं की मांग पूरी करनी चाहिए। - राजेश गोदारा, अधिवक्ता
- सीढियों में कई बार बंदर अचानक सामने आ जाते हैं तो फाइलें हाथ से बिखर जाती हैं। इससे उनके सबूत आदि भी खराब हो जाते हैं। -पुनीत रांगी, अधिवक्ता
- अधिवक्ताओं की समस्याएं काफी हैं और अधिवक्ता अब जैसे-तैसे करके काम चला रहे हैं। प्रशासन को इसकी कवायद शुरू करनी चाहिए। -अनुराग फोगाट, अधिवक्ता
अधिकारी के अनुसार
जिला प्रशासन को दो बार लिखित पत्र दिया गया है और सरकार तक आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। लेकिन अभी तक प्रयास अधूरे ही रहे हैं। अधिवक्ताओं के लिए अब तक लिफ्ट सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। प्रशासन को जल्द इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
-नसीब राणा, प्रधान, बार एसोसिएशन।