रबी सीजन की फसल कटाई का समय नजदीक है। मार्च प्रथम सप्ताह में सरसों की अगेती कटाई का काम शुरू हो जाएगा। हर साल फसल खलिहानों में आग लगने की घटनाएं होती हैं। हर साल जिले में करीब 200 एकड़ फसल जलकर राख हो जाती है। अब तक जिले में न तो पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध हो सका है और न ही पर्याप्त मात्रा में दमकल गाड़ियां हैं। जिले के अनुरूप स्टाफ व गाड़ियों के लिए डीसी की अप्रूवल करवा डिमांड भेज रखी हैं। जिले के अनुरूप चरखी दादरी को कम से कम 55 कर्मचारी एवं अधिकारी चाहिए, लेकिन इस समय मात्र 21 कर्मचारी ही तैनात हैं। फायर ऑफिसर के पास दो जिलों का चार्ज है। दमकल गाड़ी आठ चाहिए लेकिन चार ही गाड़ी हैं।
जिला बन जाने के बाद चरखी दादरी का दमकल कार्यालय भी अपग्रेड के इंतजार में है। लेकिन इस ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है, जबकि यह विभाग सबसे संवेदनशील माना जाता है। जिला बनने के बाद यहां भौगोलिक दायरा भी बढ़ा है। आए दिन आबादी भी बढ़ रही है। अन्य सरकारी कार्यालय भी स्थापित हुए हैं। 100 बेड का अस्पताल भी चालू है। जिले की करीब आठ लाख की आबादी के अलावा शहर में भी करीब 80 हजार से ज्यादा आबादी है। आग की बड़ी घटनाएं भी समय- समय पर होती रहती है। कई बार तो एक ही दिन में दो से तीन आग की घटनाएं भी हो जाती हैं। ऐसे में दमकल गाडिय़ों की कमी की वजह से साथ लगते दूसरे जिले झज्जर, भिवानी व महेंद्रगढ़ आदि से दमकल की गाड़ी मंगवानी पड़ती है ताकि आग पर जल्द की काबू पाया जा सके।
जिले के अनुरूप 55 पोस्ट हैं स्वीकृत
जिले के अनुरूप यहां दमकल कार्यालय में 55 कर्मचारियों व अधिकारियों की जरूरत है, लेकिन इस समय यहां 21 कर्मचारी ही तैनात हैं। कम से कम 30 फायरमैन की जरूरत है। इन कर्मचारियों की कई बार तो छुट्टी भी रद्द करनी पड़ जाती है। इससे कर्मचारियों पर वर्कलोड दोगुना तक बढ़ गया है, क्योंकि 24 घंटे दमकल कर्मचारियों को तैनात रहना पड़ता है। एक गाड़ी तो समय-समय पर वीआईपी कार्यक्रमों में ही व्यस्त रहती है।
इन अधिकारियों की जरूरत
दो फायर ऑफिसर के अलावा एक स्टेशन ऑफिसर जिले के लिहाज से जरूरी है। सब फायर ऑफिसर का कुछ दिन पहले ही पद भरा जा सका है। फायर ऑफिसर के पास दो जिलों का चार्ज है, चरखी दादरी का एडिशनल चार्ज है। जिससे फाइलों संबंधी कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
मात्र चार गाड़ी शामिल हैं बेड़े में
जिला के अनुरूप कम से कम आठ दमकल गाड़ियां चाहिए, लेकिन यहां चार ही दमकल गाड़ियां हैं। एक साथ अलग- अलग भागों में आग लगने की कई घटनाएं होने पर दूसरे जिला से दमकल गाड़ी मंगवानी पड़ती हैं। गाड़ी चालकों की भी कमी बनी हुई है। यहां शिफ्ट के अनुसार 15 चालकों की भी जरूरत है।
अब गर्मी का मौसम आने वाला है ऐसे में आग संबंधी घटनाओं पर काबू पाने लिए जिले में स्टाफ व दमकल गाडिय़ों की भारी कमी बनी हुई है। रबी की फसल कटाई का समय नजदीक है। कटाई के दौरान हर साल आग लगने की घटनाएं होती हैं जिससे किसानों को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ता है।
फायर ऑफिसर सुरेश कुमार ने बताया कि जिले के अनुरूप दमकल कार्यालय में स्टाफ की तैनाती की कोशिश की जा रही है। सरकार को इसकी डिमांड भेज रखी है। गर्मी सीजन से पहले व्यवस्था होने की उम्मीद है।